देहरादून। चमोली जिले के पीपलकोटी क्षेत्र में निर्माणाधीन टनल में अचानक पानी और मलबा घुसने से मजदूरों के फंसने की घटना सामने आई है। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंचे और टनल के अंदर फंसे मजदूरों को बाहर निकालने के लिए अभियान शुरू किया गया।
आखिर कैसे हुआ हादसा?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पीपलकोटी के मायापुर क्षेत्र में टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में गुरुवार शाम अचानक पानी और मलबा आने लगा। उस समय टनल के अंदर मजदूर काम कर रहे थे। अचानक हालात बिगड़ने के कारण कई मजदूर अंदर फंस गए।
बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में जमीन के भीतर पानी का दबाव बढ़ने और मलबा आने की आशंका रहती है। हालांकि इस घटना में टनल के अंदर पानी और मलबा आने का सटीक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
कितने मजदूर फंसे थे?
हादसे के बाद टनल में मजदूरों के फंसे होने की सूचना मिली। शुरुआती जानकारी में संख्या अलग-अलग सामने आई। बचाव अभियान के दौरान कई मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक 16 लोगों को सुरक्षित निकाले जाने की बात सामने आई थी।
बाकी लोगों की स्थिति का पता लगाने और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान जारी रखा गया।
कैसे चलाया गया रेस्क्यू ऑपरेशन?
घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और आपदा राहत से जुड़ी टीमें मौके पर पहुंचीं। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के जवानों को भी बचाव अभियान में लगाया गया।
टनल के अंदर पानी और मलबा होने के कारण बचाव दल को बेहद सावधानी के साथ काम करना पड़ा। टीमों ने पहले टनल की स्थिति का जायजा लिया और इसके बाद अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने का प्रयास शुरू किया।
मौके पर जुटीं कई एजेंसियां
हादसे की गंभीरता को देखते हुए राहत और बचाव के लिए कई एजेंसियों को सक्रिय किया गया। प्रशासन की निगरानी में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस और अन्य संबंधित टीमें मौके पर रहीं।
सेना, आईटीबीपी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की सहायता भी ली गई। घटनास्थल पर जरूरी उपकरण और संसाधन जुटाए गए….ताकि बचाव अभियान को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके।
बारिश ने बढ़ाई चुनौती
चमोली में इन दिनों बारिश का दौर जारी है। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के दौरान भूस्खलन, मलबा गिरने और अचानक पानी बढ़ने का खतरा बना रहता है। इसी वजह से टनल के अंदर बचाव अभियान चलाना भी चुनौतीपूर्ण रहा।
रेस्क्यू टीमों के सामने सबसे बड़ी प्राथमिकता फंसे मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालना और बचाव दल की सुरक्षा सुनिश्चित करना रही।
मुख्यमंत्री धामी ने लिया संज्ञान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पीपलकोटी टनल हादसे की जानकारी मिलने के बाद अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने राहत और बचाव अभियान को प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री की ओर से अधिकारियों को मौके पर मौजूद रहकर रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी करने और टनल में फंसे लोगों को जल्द सुरक्षित निकालने के निर्देश दिए गए।
चमोली में पहले भी सामने आती रही हैं आपदाएं
चमोली जिला प्राकृतिक आपदाओं के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। जिले में पिछले कुछ वर्षों के दौरान भूस्खलन, बाढ़ और भूधंसाव जैसी घटनाएं सामने आती रही हैं।
जोशीमठ में भूधंसाव, रैणी की आपदा और तमकनाला क्षेत्र में आई आपदा ने भी प्रशासन के सामने बड़ी चुनौतियां खड़ी की थीं। मानसून के दौरान जिले के कई इलाकों में सड़कें बंद होने और मलबा आने की घटनाएं भी सामने आती रहती हैं।
अब आगे क्या?
फिलहाल प्रशासन का मुख्य ध्यान टनल में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने पर है। रेस्क्यू अभियान पूरा होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि टनल में पानी और मलबा किस वजह से आया और घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या था।
घटना के बाद निर्माणाधीन टनल में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। संबंधित एजेंसियों की जांच और मौके की तकनीकी रिपोर्ट के बाद हादसे की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।
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