उत्तराखंड के नैनीताल में वर्चस्व को लेकर दो मुर्गों के बीच भयानक लड़ाई हो गई । जंगली मुर्गे के क्षेत्र में दूसरा पहाड़ी मुर्गा आने से हुआ बबल जिसे वहां मौजूद लोगों ने एकटक होकर देखा ।
नैनीताल में मल्लीताल के बूचड़खाने में राजेंद्र प्रसाद ने पिछले आठ वर्षों से एक जंगली मुर्गा पाल रखा है । जंगल से लगे गांव में मुर्गा लावारिस हालात में मिलने के बाद नैनीताल लाया गया, जहां उसका बहुत अच्छे से लालन पालन किया गया । लाल, पीले, नीले और कई रंगों से भरा जंगली मुर्गा आम आदमी के बीच रहकर घुल मिल गया । आज पड़ोस का एक व्यवसायी दूसरा काला रंग का पहाड़ी मुर्गे का जोड़ा ले आया । जंगली मुर्गे को ये अच्छा नहीं लगा और उसने काले मुर्गे पर हमला बोल दिया । दोनों मुर्गों के बीच जबरदस्त भिड़ंत हो गई, जिसे वहाँ मौजूद कई लोगों ने खड़े होकर देखा । दोनों मुर्गों के बीच जबरदस्त भिड़ंत से दोनों मुर्गे लहूलुहान हो गए । कुछ देर की भिड़ंत के बाद मुर्गों के मालिकों ने उन्हें पकड़कर दूर किया और उनका उपचार किया । अनुमान लगाया जा रहा है कि कुछ समय के बाद दोनों मुर्गे दोस्त हो जाएंगे ।



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