किच्छा- लद्दाख में शहीद जवान देव बहादुर का पार्थिव शरीर पहुंचा घर, जयकारों से गूंज उठा आसमान

KhabarPahad-App
खबर शेयर करें -

किच्छा- उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के किच्छा क्षेत्र के गौरिकला निवासी गोरखा रेजीमेंट के 24 वर्षीय जवान देव बहादुर लेह लद्दाख में शहीद हो गए थे, 4 दिन बाद उनका पार्थिव शरीर जैसे ही किच्छा पहुंचा तो हजारों लोगों का हुजूम अपने वीर जवान की शहादत को नमन करने के लिए उमड़ पड़ा अपने वीर जवान को श्रद्धांजलि देने के लिए आए लोगों के हुजूम ने जैसे ही सेना की गाड़ी में तिरंगे से लिपटा शहीद जवान देव बहादुर को देखा तो जयकारों से पूरा आसमान गूंज उठा।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड: मिट्टी विवाद के बाद मचा बवाल, खनन अधिकारी पर गिरी गाज

CORONA UPDATE- अल्मोड़ा में 220 पहुचा कोरोना का आंकड़ा, अभी 1377 सेंपल का इंतजार

किच्छा विधायक राजेश शुक्ला सहित सैकड़ों लोगों ने जब तक सूरज चांद रहेगा देव बहादुर तेरा नाम रहेगा जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान कर दिया, जहां गांव के इस वीर जवान के जाने का दुख ही है तो वही देश की रक्षा के खातिर सर्वोच्च बलिदान देने पर गर्व की अनुभूति भी हो रही है।

यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानी : लालकुआं की ग्रामीण सड़कों के लिए 372.42 लाख मंजूर

CORONA UPDATE- इस जिले में तेजी से हो रही है CORONA की जांच महज 565 जांच पेंडिंग

शहीद हुए देव बहादुर के भाई भी भारतीय सेना में हैं, बेटे की शहादत की खबर सुन परिवार सदमे में है पिछले 4 दिनों से परिवार अपने बेटे के अंतिम दर्शन के लिए इंतजार कर रहा था शहीद देव बहादुर के भाई किशन बहादुर और छोटे भाई अनुज ने बताया कि उन्हें अपने भाई की शहादत पर गर्व है देव बहादुर के बड़े भाई जहां सेना में हैं तो वहीं छोटा भाई अनुज भी आर्मी में भर्ती होने के लिए तैयारी कर रहा है।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड: कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो मचा हड़कंप, अंदर मिला फैक्ट्री कर्मचारी का शव

CORONA UPDATE- इस जिले में कोरोना का खतरा बढ़ा, कोने कोने तक पहुचा CORONA

ADVERTISEMENTSAd Ad
अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -

👉 व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें

👉 फेसबुक पेज़ को लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें

हमारे इस नंबर 7017926515 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें

2 thoughts on “किच्छा- लद्दाख में शहीद जवान देव बहादुर का पार्थिव शरीर पहुंचा घर, जयकारों से गूंज उठा आसमान

Comments are closed.