उत्तराखंड में अब शराब की होगी लैब टेस्टिंग, राजस्व बढ़ाने के लिए सरकार ने कसी कमर।

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देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने राजस्व बढ़ाने और शराब में मिलावट की शिकायतों को रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब प्रदेश में बनी शराब की लैब टेस्टिंग होगी। इससे उपभोक्ताओं का भरोसा बढ़ेगा और राज्य की आय में इजाफा होगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राजस्व जुटाने से जुड़े सभी विभागों को कार्ययोजना थमाई गई है। कमजोर प्रदर्शन करने वाले विभागों को खामियां दुरुस्त कर नए स्रोत खोजने और सुधारात्मक कदम उठाने के लिए कहा गया है।

शराब की लैब टेस्टिंग से बढ़ेगा भरोसा

जीएसटी के बाद आबकारी राज्य की आय का दूसरा सबसे बड़ा स्रोत है। लेकिन आबकारी विभाग 5060 करोड़ रुपये के लक्ष्य के सामने केवल 4800 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद जता रहा है। शुरुआती चार महीनों में विभाग सिर्फ 31% ही वसूली कर पाया। वहीं शराब में मिलावट की शिकायतों ने भी चुनौती बढ़ा दी है। इसी को देखते हुए अब लैब टेस्टिंग का निर्णय लिया गया है।

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जीएसटी और खनन से जुड़ी उम्मीदें

इस वर्ष जीएसटी से 11,221 करोड़ रुपये की वसूली का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि दरें घटने से चुनौतियां बढ़ गई हैं। सरकार ने सेक्टरवार लक्ष्य तय करने और सख्ती से निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।
खनन से भी अच्छी आमदनी का अनुमान है। 950 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले विभाग 1150 करोड़ तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है। शुरुआती महीनों में ही लक्ष्य का 40% हासिल हो चुका है। वन क्षेत्रों में निजी सहयोगियों को पट्टे देने और नए खनन क्षेत्र चिह्नित करने पर भी विचार हो रहा है।

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जड़ी-बूटियों और इको-टूरिज्म से आय

वन विभाग के राजस्व प्रदर्शन को लेकर चिंता जताई गई है। अब जड़ी-बूटियों से आय का आकलन करने के लिए विशेषज्ञ एजेंसी की मदद ली जाएगी। साथ ही कार्बन क्रेडिट, इको-टूरिज्म और लीसा दोहन में सुधारात्मक कदमों को बढ़ावा दिया जाएगा।

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परिवहन और ऊर्जा विभाग की चुनौती

परिवहन विभाग का वार्षिक लक्ष्य 1504 करोड़ है…लेकिन शुरुआती महीनों में केवल 28% ही वसूली हुई। वाहन बिक्री बढ़ने से विभाग को उम्मीद है कि अब आय में तेजी आएगी।

ऊर्जा विभाग को 1100 करोड़ रुपये के लक्ष्य को हासिल करने के लिए अतिरिक्त उपाय करने के निर्देश मिले हैं…क्योंकि अभी तक मात्र 15% ही राजस्व वसूली हो पाई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आय संसाधन बढ़ाने के लिए सरकार पूरी ताकत से प्रयास कर रही है। इससे विकास कार्यों के लिए धन उपलब्ध रहेगा और राज्य का वित्तीय संतुलन बरकरार रहेगा।

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