हल्द्वानी। शहर में 23 खूंखार नस्ल के कुत्ते पालने वाले सावधान रहें। ऐसे कुत्तों को खुले में छोड़ना अपराध माना जाएगा और एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। वर्ष 2024 के बाद से प्रतिबंधित कुत्ते पालने पर पांच हजार तक का जुर्माना लगाया जाएगा। कुत्ते के काटने, पंजीकरण न कराने और -वैक्सीनेशन में लापरवाही पर भी कार्रवाई की जाएगी।
शहर में पालतू और लावारिस कुत्तों के काटने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। छह महीने पहले पॉलीशीट में पिटबुल ने एक युवक की अंगुली चबा दी थी। इसके अलावा गली-मोहल्लों में – पालतू कुत्तों को खुले में छोड़ने से – स्कूली बच्चों के साथ ही बुजुर्गों को परेशानी हो रही है। ऐसी शिकायतों का संज्ञान लेकर निगम प्रशासन कार्रवाई = की तैयारी कर रहा है। इसके खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।
इन नस्लों के कुत्ते हैं प्रतिबंधित
पिटबुल टेरियर, टोसा इनु, अमेरिकन स्टैफोर्डशायर टेरियर, फिला ब्रासीलीरो, डोगो अर्जेंटीनो, अमेरिकन बुलडॉग, बोअरबोएल, कंगाल, सेंट्रल एशियन शेफर्ड, कॉकेशियन शेफर्ड, साउथ रशियन शेफर्ड, टॉर्नजैक, सरप्लानिनैक, जापानी टोसा, अकिता रॉटवाइलर, रोडेशियन रिजबैक, प्रेसा कैनारियो, अकबाश, मॉस्को गार्ड, केन कोर्सों, बैंडोग और वुल्फडॉग (वुल्फ हाइब्रिड)।
नगर निगम के 60 वार्डों में पशु प्रेमियों को कुत्तों का पंजीकरण अनिवार्य रूप से कराना है। अभियान के दौरान पकड़े जाने पर कार्रवाई की जाएगी और 2500 रुपये जुर्माने का प्रावधान है। अभी चार हजार पंजीकरण हुए हैं। परितोष वर्मा, नगर आयुक्त

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