uttarakhand containment zone

BREAKING NEWS- 7 जिलो के 433 इलाके सील, यहां गलती से भी न जाएं

KhabarPahad-App
खबर शेयर करें -

CORONAVIRUS UPDATE- उत्तराखंड में कोरोनावायरस से अब तक जहां 158 मौत हो चुकी है वही कुल संक्रमित मामले 12493 पहुंच गए हैं जिनमें से 8485 लोग ठीक हो चुके हैं और 3806 लोगों का इलाज चल रहा है इसके अलावा अभी 13246 जांच सैंपल की रिपोर्ट आनी बाकी है राज्य में डबलिंग रेट जहां 28 दिन पर है तो वही रिकवरी परसेंटेज भी 67 फ़ीसदी है लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमित मामलों को देखते हुए राज्य के 7 जिलों के 433 इलाकों को सील किया गया है।

BREAKING NEWS- (अभी-अभी) राज्य में 319 नए मामले, आंकड़ा पहुंचा 12493, देखिए अपने जिले का हाल

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड: कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो मचा हड़कंप, अंदर मिला फैक्ट्री कर्मचारी का शव

देहरादून जिले में आठ माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाकर इन इलाकों को सील किया गया है जिनमें ऋषिकेश में एक सदर में दो और विकास नगर में पांच कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं।

इसी तरह उधम सिंह नगर में 28 कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं जिनमें खटीमा में बीस रूद्रपुर में दो किच्छा में दो और जसपुर में चार हैं यहां पूरी तरह से आवाजाही प्रतिबंधित है

उत्तरकाशी में भी भटवाड़ी और मोरी में दो कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं उधर बागेश्वर जिले में भी एक कंटेनमेंट जोन बनाया गया है टिहरी में बने कंटेनमेंट जोन की संख्या 3 है जिसमें एक नरेंद्र नगर में एक कीर्ति नगर में और एक प्रताप नगर में बनाया गया है।

यह भी पढ़ें 👉  हरिद्वार में जिला खनन अधिकारी पर कार्रवाई, काजिम रजा हटाए गए

हल्द्वानी- (बड़ी खबर) SSP ने बड़े पैमाने पर किया फेरबदल, 34 दरोगा इधर से उधर, देखिए लिस्ट

सबसे ज्यादा कंटेनमेंट जोन राज्य में हरिद्वार जिले में बनाए गए हैं जहां 366 कंटेनमेंट जोन है जिनमें रुड़की में 176 और हरिद्वार में 157 कंटेनमेंट जोन है इसके अलावा भगवानपुर में 26 कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं और लक्सर में 7 कंटेनमेंट जोन बनाए हैं।

नैनीताल जिले में भी 25 कंटेनमेंट जोन बनाकर यहां आवाजाही प्रतिबंधित की गई है इसमें से हल्द्वानी में 19 लालकुआ में पांच और चोपड़ा में एक कंटेनमेंट जोन बनाया गया है।

यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानी : धर्म के नाम पर धमकी देने वाला आरोपी गिरफ्तार

कुल मिलाकर कोरोनावायरस कोविड-19 के संक्रमित मामलों की बढ़ती संख्या देख इन सभी इलाकों में न सिर्फ बाहरी आवाजाही को प्रतिबंधित किया गया है बल्कि खाद रसद सामग्री को उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी भी प्रशासन की है और इन इलाकों में कोरोना संक्रमित व्यक्तियों की संख्या ज्यादा बढ़ने की आशंका को देखते हुए यहां जाना किसी खतरे से खाली नहीं है।

देहरादून- गैरसैंण में जमीन खरीदने के बाद पहली बार मीडिया से क्या बोले मुख्यमंत्री ? जानिए.

ADVERTISEMENTSAd Ad
अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -

👉 व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें

👉 फेसबुक पेज़ को लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें

हमारे इस नंबर 7017926515 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें