कोरोना वायरस कोविड-19 से जंग के बीच अब क्वॉरेंटाइन (quarantine) सेंटरों में फंसे पहाड़ी युवाओं की मदद के नाम पर सियासत शुरू हो गई है दरअसल सियासत भी ऐसी कि सत्ता और विपक्ष खुलकर आमने-सामने आ गए हैं।
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दरअसल कुमाऊं क्षेत्र के पहाड़ी जिलों के सैकड़ों युवा जब बाहरी राज्यों से लॉक डाउन(lockdown) बीच हल्द्वानी पहुंचे थे तो प्रशासन द्वारा हल्द्वानी में शेल्टर होम्स और क्वॉरेंटाइन सेंटरों में इन युवाओं को रोकने का प्रबंध किया गया था, और उनके 14 दिन पूरे होने के बाद सभी रास्तों में फंसे हुए लोगों को उनके घर भेजने की बात उठी।
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इसी दौरान नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश (Dr.Indira Hridayesh) ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि उनकी मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और चीफ सेक्रेटरी से वार्ता हुई है जिसमें क्वॉरेंटाइन सेंटर और शेल्टर होम में फंसे युवाओं को उनके घर भेजने की तैयारी हो रही है और यह उनके द्वारा मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को आग्रह किए जाने के बाद तत्काल कार्रवाई शुरू हो रही है सुनिए क्या कहा था नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर इंदिरा ह्रदयेश ने ..
नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश के इस बयान के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत (Bansidhar Bhagat) ने तत्काल बयान जारी करते हुए नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश के इस बयान को झूठा बताया, बंशीधर भगत ने कहा कि वह इस बात की गारंटी लेते हैं कि नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री से इस विषय में कोई बात नहीं की, बल्कि उन्होंने पहाड़ी जिलों के उनके पार्टी के जिला अध्यक्षों के आग्रह पर मुख्यमंत्री से बात कर हल्द्वानी में क्वॉरेंटाइन सेंटर में पिछले 14 दिनों से फंसे युवाओं को उनके घर भेजने की बात कही थी। जिसके बाद मुख्यमंत्री ने यह फैसला लिया इसलिए केवल क्रेडिट लेने के लिए इंदिरा हृदयेश ने झूठ बोला सुनिए बंशीधर भगत को…..
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कोरोनावायरस से जंग के बीच प्रदेश के इन विपरीत हालातों में सत्ता पक्ष और विपक्ष द्वारा की जा रही बयानबाजी से एक बात साफ हो गई है कि मुश्किल घड़ी में भी सियासत जारी है। इस सियासत का खामियाजा कहीं इस विपत्ति में फंसे लोगों को आगे ना उठाना पड़े यह सवाल भी लगातार उठ रहा है ? आखिर कौन सच बोल रहा है और कौन झूठ यह समय के गर्भ में है लेकिन इस मुश्किल घड़ी में दूरदराज से अपने घर जाने वाले लोग जो रास्तों में फंसे हैं और सरकार से गुहार लगा रहे हैं वह जरूर आहत होंगे कि आखिर मदद की इस घड़ी में राज्य में हो क्या रहा है।


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