देहरादून। उत्तराखंड सरकार इस वर्ष चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए केदारनाथ हेली शटल सेवा को हाईटेक बनाने जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर हेली सेवाओं में आधुनिक तकनीकों को शामिल किया गया है।
22 अप्रैल से केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही हेली सेवाएं भी शुरू हो जाएंगी। इस बार हेली सेवाओं की निगरानी के लिए उन्नत सिस्टम तैयार किया गया है। यात्रा मार्ग के हेलीपैड पर वीएचएफ सेटअप और बैकअप सिस्टम लगाए गए हैं…जिससे संचार व्यवस्था मजबूत रहेगी।
यात्रा के दौरान 8 हेलीपैड पर संचालित सेवाओं की निगरानी के लिए पैन-टिल्ट-जूम कैमरे लगाए जा रहे हैं…जिनसे उड़ानों पर रियल-टाइम नजर रखी जाएगी। सभी हेलीकॉप्टरों में लाइव ट्रैकिंग डिवाइस अनिवार्य किए गए हैं…ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत लोकेशन ट्रैक कर राहत कार्य शुरू किया जा सके।
मौसम की सटीक जानकारी के लिए विभिन्न स्थानों पर ऑटोमेटिक वेदर सिस्टम और सेलोमीटर स्थापित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही केदारनाथ, बद्रीनाथ, सहस्त्रधारा और सिरसी में एयर ट्रैफिक कंट्रोल केंद्र भी सक्रिय रहेंगे।
यूकाडा के सीईओ डॉ. आशीष चौहान ने बताया कि पूरी व्यवस्था अलर्ट मोड पर रहेगी और सभी एजेंसियां लगातार निगरानी करेंगी।
सरकार का मानना है कि इस पहल से यात्रा अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और व्यवस्थित बनेगी, जिससे श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी।

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