देहरादून। उत्तराखंड शिक्षा विभाग ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है, जिसके तहत अब स्कूलों में बच्चों की संख्या के आधार पर ही अध्यापकों की संख्या तय की जाएगी। इस कदम का उद्देश्य बच्चों की पढ़ाई को बाधित होने से रोकना है और शिक्षा व्यवस्था में समानता लाना है।
अभी तक कई ऐसे विद्यालय थे, जहाँ छात्रों की संख्या बेहद कम होने के बावजूद 10 या उससे अधिक अध्यापक तैनात थे, जिससे संसाधनों का अनुचित उपयोग हो रहा था।
अपर निदेशक महानिदेशालय विद्यालयी शिक्षा, उत्तराखंड सरकार, पद्मेंद्र सकलानी ने उत्तराखंड के समस्त शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक शिक्षा को इस संबंध में एक पत्र भेजा है। इस आदेश के अनुसार, कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों में अब कम शिक्षक ही तैनात रहेंगे, जिससे शिक्षकों का बेहतर वितरण सुनिश्चित किया जा सके।
यह फैसला शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने और शिक्षकों की उपलब्धता को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -
👉 व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें
👉 यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें
हमारे इस नंबर 7017926515 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें



देहरादून : IFS अधिकारियों की छुट्टियों पर सख्ती, अब लंबी छुट्टी के लिए शासन की मंजूरी अनिवार्य
कृषि, उद्योग और पर्यटन बनेंगे उत्तराखंड के ग्रोथ ड्राइवर: सीएम धामी
1.11 लाख करोड़ का बजट, विकसित उत्तराखंड की दिशा में बड़ा कदम: सीएम धामी
लालकुआं :(बधाई) बिंदुखत्ता की बेटी मनीषा बनी सेना में लेफ्टिनेंट, परिवार के लिए गर्व के पल
सीएम धामी का ‘SANTULAN’ मॉडल, हर वर्ग के लिए बजट में खास योजनाएं
उत्तराखंड बजट 2026: गरीब युवा किसान महिला सशक्तिकरण के लिए ज्ञान मॉडल
हल्द्वानी :(बड़ी खबर) DM ने निर्देश में एक्टिव हुआ प्रशासन, चलने लगा बुलडोजर
उत्तराखंड: संतुलित वित्तीय प्रबंधन को दर्शाता उत्तराखंड का बजट 2026–27
नैनीताल :(बड़ी खबर) DM के अधिकारियों को निर्देश, जिले में दिखने नहीं चाहिए अवैध होर्डिंग बोर्ड 