हल्द्वानी – हार्ट-अटैक के मरीजों को जान बचाने के लिए खास मुहीम

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हल्द्वानी – हार्ट अटैक के मरीजों की जान बचाने के लिए सरकार की ओर से एक खास मुहिम शुरू की गई है, जिसके तहत लोगों को कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सी0पी0आर0) की ट्रेनिंग दी जा रही है। इस राष्ट्रव्यापी जन जागरूकता कार्यक्रम को नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (एनबीईएमएस) आयोजित कर रहा है। इसी के चलते आज दिनांक 06 दिसम्बर बुधवार को डा0 सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय के सभागार में कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सी0पी0आर0) प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन हुआ, जिसमें स्कूली बच्चों व चिकित्सालय कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया। एनेस्थिीसिया विभाग, मेडिसिन विभाग व बाल रोग विभाग द्वारा अचानक से हृदय की गति बंद हो जाने के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी। प्रशिक्षण कार्यशाला में एनेस्थीसिया विभाग के चिकित्सकों ने सीपीआर के उपयोग का प्रशिक्षण दिया।

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कार्यशाला में एनेस्थिीसिया विभाग की विभागाध्यक्ष व नोडल अधिकारी डा0 गीता भंडारी के नेतृत्व मे चिकित्सकों ने बताया कि सी0पी0आर0 का मतलब है कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन। यह भी एक तरह की प्राथमिक चिकित्सा यानि फर्स्ट एड है। जब किसी पीड़ित को सांस लेने में दिक्कत हो या फिर वो सांस न ले पा रहा हो और बेहोश हो जाये तो सी0पी0आर0 से उसकी जान बचाई जा सकती है।


क्रिटिल केयर की पूर्ण जानकारी न हो तों मरीजों को बचाया जाना अति कठिन होता हैे। कार्डियोंपल्मोनरी रिससिटेशन (सी0पी0आर0)के माध्यम से यह जानकारी दी जाती है कि ऐसे मरीज को तत्काल लाईफ सपोर्ट दिया जाये क्योंकि दिल का दौर पड़ने पर पहले एक घंटे को गोल्डन ऑवर माना जाता है। इसी गोल्डन ऑवर में हम मरीज की जान बचा सकते है। कभी -कभी एम्बुलेन्स या मेडिकल सुविधा किसी कारण जल्द उपलब्ध नहीं होती ऐसे समय में हमे पता होना (सी0पी0आर0) क्या है इसे कैसे करे ताकि मरीज की जान बचाई जा सके।


प्रशिक्षण कार्यशाला में मेडिसिन विभाग की डा0 गौरी जंगपांगी व डा0 दीपक कुमार ने स्कूली बच्चों को जानकारी देते हुए बताया कि यदि कोई छात्र अचानक बेहोश हो जाये तोे उसकी टांगे ऊपर कर दें व पल्स चेक करें यदि पल्स नही आ रही है तो सांस देने के साथ छाती को 30 बार दबायें। वही बाल रोग विभाग की डा0 बिन्दु देउपा व डा0 सुष्मिता ने 1 साल से छोटे बच्चों को सी0पी0आर0 कैसे देते है के बारे में विस्तार से बताया। प्रशिक्षण कार्यशाला में वीडियो के माध्यम से सी0पी0आर0 के बारे में विस्तार से बताया व डमी के माध्यम से स्कूली छात्र-छात्राओं और कर्मचारियों को सी0पी0आर0 का प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण कार्यशाला में सेंट थेरेसा सीनियर सेकेंडरी स्कूल , सेंट पॉल सीनियर सेकेंडरी स्कूल , डी0ए0वी0 पब्लिक स्कूल और एच0एन0 इंटर कॉलेज के 250 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।

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डा0 अरूण जोशी प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज ने कहा कि उक्त सी0पी0आर0 प्रशिक्षण कार्यशाला से सभी वर्ग के लोगों को इसका लाभ मिलेगा। इस अवसर पर एनेस्थीसिया विभाग की विभागाध्यक्ष डा0 गीता भंडारी, डा0 ए0के0 सिन्हा, डा0 राहुल सक्सेना, डा0 गौरी जंगपांगी, डा0 बिन्दु देउपा, डा0 दीपक कुमार, डा0 सुष्मिता समेत पीजी छात्र-छात्राएं आदि मौजूद थे।।

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