सैनिक कभी रिटायर नहीं होता! हल्द्वानी में नितिन नवीन ने जवानों को लेकर कही दिल छू लेने वाली बात

KhabarPahad-App
खबर शेयर करें -

हल्द्वानी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने गुरुवार को हल्द्वानी में आयोजित पूर्व सैनिक सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने सैनिकों को देश की सुरक्षा, सुख-शांति और स्वतंत्रता का आधार बताया। उन्होंने कहा कि सैनिक भले ही सेवा से रिटायर हो जाए….लेकिन उसका राष्ट्रप्रेम और देशसेवा का जज्बा कभी रिटायर नहीं होता।

कार्यक्रम से पहले नितिन नवीन ने बेरीपड़ाव स्थित अष्टादश भुजा महालक्ष्मी मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने शहीद स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने हल्दूचौड़ बूथ भाजपा अध्यक्ष राकेश चंद्र आर्य के घर पहुंचकर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ चाय पर चर्चा भी की।

ADVERTISEMENTSAd

सम्मेलन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, कर्नल अजय कोठियाल, राम सिंह कैड़ा समेत कई नेता और पूर्व सैनिक मौजूद रहे।

नितिन नवीन ने कहा कि देश के 140 करोड़ लोग आज सुख और शांति से जीवन जी रहे हैं तो इसमें सीमा पर तैनात सैनिकों की बड़ी भूमिका है। उन्होंने कहा कि सैनिक के रिटायर होने के बाद उसके नाम के आगे पूर्व सैनिक जरूर जुड़ जाता है….लेकिन उसका जज्बा, राष्ट्रप्रेम और देशसेवा की भावना कभी खत्म नहीं होती।

यह भी पढ़ें 👉  देहरादून :(Good News) पहाड़ के इन इलाकों के लिए कल से मिलेगी हिमगिरि बस सेवा

उन्होंने उत्तराखंड की वीर सैन्य परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि देवभूमि ने देश को कई साहसी और वीर सैनिक दिए हैं। उन्होंने कुमाऊं रेजीमेंट के ध्येय वाक्य ‘पराक्रमो विजयते’ का जिक्र करते हुए 1962 के रेजांग ला युद्ध में मेजर शैतान सिंह और 13 कुमाऊं के जवानों के पराक्रम को याद किया।

नितिन नवीन ने कहा कि उत्तराखंड की धरती ने सैनिक और सैन्य अधिकारी तैयार करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने घोड़ाखाल सैनिक स्कूल और देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत का भी उल्लेख किया। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री और मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूरी को भी याद किया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड को चार धाम के साथ सैनिकों की वीरभूमि के रूप में भी पहचान दी है। नवीन ने कहा कि प्रधानमंत्री सैनिकों के साथ दिवाली और होली जैसे त्योहार मनाते हैं। उन्होंने सीमांत गांवों को ‘अंतिम गांव’ के बजाय ‘प्रथम गांव’ मानने की सोच में बदलाव का भी उल्लेख किया।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड: यहां गुलदार की दहशत से स्कूलों में छुट्टी

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि वर्ष 2015 में लंबे समय से लंबित ‘वन रैंक वन पेंशन’ लागू की गई। उन्होंने इसे सैनिकों के सम्मान और अधिकारों से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम बताया।

नितिन नवीन ने अपने पुराने अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2011 में राष्ट्रीय एकता यात्रा के दौरान वह कश्मीर के लाल चौक पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि उस समय वहां पाकिस्तान का झंडा देखकर उन्हें निराशा हुई थी…लेकिन आज लाल चौक पर तिरंगा शान से लहराता है।

उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक सीमा तक बेहतर सड़क संपर्क से सैनिकों और सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुविधाएं मिली हैं।

उन्होंने कहा कि भारत अब रक्षा उत्पादन और रक्षा निर्यात के क्षेत्र में भी आगे बढ़ रहा है। उन्होंने देश में रक्षा उत्पादन 1.78 लाख करोड़ रुपये और रक्षा निर्यात 38,424 करोड़ रुपये तक पहुंचने का दावा किया।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड: आंगनबाड़ी केंद्र में शुरू हुआ पोषण माह, बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए क्या है खास? पढ़िए...

नितिन नवीन ने उत्तराखंड में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, चारधाम ऑल वेदर रोड, देहरादून में बन रहे सैन्य धाम और शहीदों की स्मृति में किए जा रहे कार्यों का भी उल्लेख किया।

उन्होंने युवाओं को सीमा की परिस्थितियों से रूबरू कराने पर भी जोर दिया। नितिन नवीन ने कहा कि सैनिक परिवारों के युवाओं को सीमा और सैनिक जीवन की परिस्थितियों का अनुभव होता है….लेकिन दूसरे युवाओं को भी सीमावर्ती क्षेत्रों में जाकर यह समझना चाहिए कि सैनिक किन परिस्थितियों में देश की रक्षा करते हैं।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में शिक्षा व्यवस्था में ‘सरहद दर्शन’ जैसे कार्यक्रम की शुरुआत की दिशा में प्रयास किया जा सकता है….जिससे युवा सीमा पर जाकर सैनिकों की भूमिका और सीमाओं के महत्व को करीब से समझ सकें।

ADVERTISEMENTSAd AdAd Ad
अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -

👉 व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें

👉 फेसबुक पेज़ को लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें

हमारे इस नंबर 7017926515 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें