हल्द्वानी- शनिवार देर शाम मुखानी थाना क्षेत्र में युवक की पथरों से कुचल कर हत्या के मामले में पुलिस ने खुलासा करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के पूछताछ में पता चला है कि मृतक आरोपी को गाली गलौज करता था जिससे वह नाराज चल रहा था और देर रात मौका पाकर उसकी पत्थरों से कुचल कर हत्या कर दी हत्या के बाद युवक फरार होने के फिराक में था लेकिन इससे पहले पुलिस उसको दबोच लिया।
पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि शनिवार को काठगोदाम थाना क्षेत्र जवाहर ज्योति दमुआढुंगा का रहने वाला 25 वर्षीय प्रकाश बैरागी का मुखानी थाना क्षेत्र के बिठौरिया में खाली प्लॉट में शव मिला था जहां उसकी पथरों से कुचल कर हत्या कर दी गई थी पुलिस ने जांच पड़ताल में सीसीटीवी कैमरे के आधार पर आरोपी को कुछ घंटों में ही गिरफ्तार कर लिया गया आरोपी हत्या करने के बाद भागने के फिराक में था लेकिन उससे पहले पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
पुलिस ने हत्या आरोपी 20 वर्षीय मोहित चंद आर्य निवासी दमुआढुंगा को गिरफ्तार किया है। पुलिस के पूछताछ में आरोपी ने बताया कि मृतक प्रकाश बैरागी उसको अक्सर गाली गलौज किया करता था जिससे वह गुस्से में आकर शनिवार देर शाम उसकी पथरों से कुचल कर हत्या कर दी। आरोपी के खिलाफ धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की कार्रवाई की गई है।
अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -
👉 व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें
👉 यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें
हमारे इस नंबर 7017926515 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें



उत्तराखंड: यहां कड़क धूप का असर, एक बार फिर बदलेगा मौसम का मिजाज
उत्तराखंड : यहां घर मे घुसा चोर शराब को देख बदली नीयत,मनाई पार्टी नशा चढ़ा तो भीतर ही गहरी नींद में सो गया,
उत्तराखंड: यहां सीएनजी से भरे दो ट्रकों की भिड़ंत, पुलिस की मुस्तैदी से टला बड़ा विस्फोट
उत्तराखंड: यहां होली के दिन दुखद घटना
उत्तराखंड में ‘दादी-नानी योजना’ की तैयारी: 60+ महिलाओं के लिए नई नीति लाने की कवायद तेज
देहरादून : छत पर सोलर लगाने वालों को झटका! अब अतिरिक्त बिजली के मिलेंगे सिर्फ ₹2 प्रति यूनिट
उत्तराखंड: यहां सेक्स रैकेट का खुलासा, दो महिलाएं साहित 4 गिरफ्तार
उत्तराखंड की बेटी सुलभा जोशी ने रचा इतिहास
उत्तराखंड : किडनैपिंग और फिरौती का खेल बेनकाब, पुलिस ने चंद घंटों में 5 शातिर दबोचे
हल्द्वानी : मार्च में ही गर्मी का महाकहर, पारा 30 पार! क्या अब आएगा और भी खतरनाक दौर? 

