हल्द्वानी- हल्द्वानी-काठगोदाम -हैडाखान मार्ग पिछले 1 महीने से बंद है। लिहाजा 120 गांव का संपर्क कटा हुआ है। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य आज भूस्खलन से बंद क्षेत्र में पहुंचे। जहां उन्होंने सांकेतिक उपवास रखा। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और स्थानीय लोग भी धरना स्थल पर पहुंचे और जल्द से जल्द काठगोदाम – हैड़ाखान- सिमलिया बैंड मोटर मार्ग को खोलने की मांग करने लगे।
इस बीच वहां से गुजर रही बारात का दूल्हा भी कांग्रेस के धरने को समर्थन देने के लिए धरना स्थल पर आ पहुंचा। सड़क मार्ग बंद होने से पैदल जा रही बारात का दूल्हा भी जल्द से जल्द सड़क खोले जाने की मांग करने लगा। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि इस सड़क का निर्माण कांग्रेस कार्यकाल में ही हुआ है। और आज यहां की जनता का दुर्भाग्य है कि 1 महीने से भूस्खलन की वजह से मार्ग बंद है। 120 गांवों के सामने स्वास्थ्य एवं खाद्यान्न का संकट आ गया है। गांव से मंडी तक जाने वाली सब्जियां फल सड़ रहे हैं और सरकार सो रही है उन्होंने कहा कि आखिर सरकार वैकल्पिक मार्ग बनाने में भी नाकाम रही है। अगर जल्द से जल्द इस मार्ग को नहीं खोला गया तो ग्रामीणों के साथ मिलकर कांग्रेस और उग्र आंदोलन करेगी।
अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -
👉 व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें
👉 यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें
हमारे इस नंबर 7017926515 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें



उत्तराखंड:(दुखद) पति- पत्नी की दर्दनाक मौत, बच्चे हुवे अनाथ
हल्द्वानी :(बड़ी खबर) कमिश्नर दीपक रावत की रडार आया बड़ा फर्जीवाड़ा, 39 करोड़ का गोलमाल, मुकदमा करने के निर्देश
देहरादून :(बड़ी खबर) कई IAS और PCS अधिकारियों के तबादले
हल्द्वानी : मुख्यमंत्री धामी का शेफ समुदाय से संवाद, उत्तराखंड के स्वाद को “लोकल से ग्लोबल” बनाने का आह्वान
हल्द्वानी: हमसे मजदूरी कराई जा रही है, ITI छात्रों का गंभीर आरोप, कुमाऊँ आयुक्त से कार्रवाई की मांग
हल्द्वानी : सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले निकले पति-पत्नी, क्षेत्र में शोक की लहर
रुद्रपुर : तहसीलदारों के तबादले
हल्द्वानी :(बड़ी खबर) DM रयाल ने ली ADB के अधिकारियों की बैठक, CITY मजिस्ट्रेट को विकास कार्यों के स्थलीय निरीक्षण के निर्देश
उत्तराखंड: यहां 50 हजार को रिश्वत लेते, जिला पूर्ति अधिकारी सहित दो गिरफ्तार
देहरादून :(बड़ी खबर) देवभूमि की आध्यात्मिक विरासत पर संवाद, जिलाधिकारी नैनीताल को भेंट की गई ‘जय माँ बगलामुखी’ पुस्तक 

