- महिला के टुकड़े कर ऋषिकेश की ट्रेन में फेंकने वाले हत्यारे को पुलिस ने किया गिरफ्तार।
उत्तराखंड – महिला के टुकड़े कर ट्रेन में फेंकने वाले अभियुक्त को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इंदौर और ऋषिकेश की ट्रेन में मिले महिला के टुकड़े वाली गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस ने उज्जैन से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।उसने महिला के फोन में सिम डाली तो पुलिस ने उसे ट्रेस कर लिया। अभियुक्त ने पहले गला दबाकर महिला को मारा था, फिर धारदार हथियार से शव के टुकड़े कर दिए थे।
बता दें कि कुछ दिनों पहले भारत के दो राज्यों की ट्रेन में तीन भागों में महिला का शव जीआरपी पुलिस द्वारा बरामद किया गया था। एक काले बैग और ठेले में इंदौर जीआरपी पुलिस ने सिर को बरामद किया था। वहीं महिला के हाथ-पैर के अंग उत्तराखंड के ऋषिकेश की ट्रेन में बरामद हुए थे। इसके हाथों पर लिखे हुए नाम के आधार पर पुलिस तलाश करते हुए रतलाम पहुंची थी। इस मामले के अंधे क़त्ल के तार उज्जैन से जोड़े जा रहे थे जिसमें पुलिस ने खुलासा करते हुए कमलेश नामक एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।जीआरपी पुलिस ने बताया कि इस अंधे कत्ल में पुलिस ने शानदार भूमिका निभाई है।कैटरिंग का काम करने वाले कमलेश पटेल को गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि रतलाम में पति से विवाद होने के बाद महिला ट्रेन में सवार होकर उज्जैन आई थी और यहां पर अकेली प्लेटफॉर्म पर बैठी थी कि तभी वहां पर कमलेश पटेल महिला के पास पहुंचा और बातचीत करते हुए महिला को अपने साथ घर पर ले गया। फिर वहां पर खाना खिलाने के बहाने महिला को खाने में नशे की दवा खिला दी जिसके कारण महिला कुछ हद तक बेहोश हो गई थी और फिर महिला के साथ अभियुक्त द्वारा जोर जबरदस्ती करने का प्रयास किया गया। महिला ने इसका विरोध किया तो पास में ही पड़े एक वस्तु से महिला पर अभियुक्त ने हमला कर दिया जिस कारण महिला बेहोश हो गई थी और उसके बाद कमलेश ने महिला का गला घोट दिया और बाजार से धारदार हथियार लिया और कई भागों में शरीर को काट दिया।
अभियुक्त कमलेश ने तीन हिस्सों में महिला का दो ट्रेनों में रख दिया था जो कि जीआरपी पुलिस को आठ जून को मिला। जबकि उत्तराखंड के ऋषिकेश में 9 जून को महिला के शव के अंग मिले थे। ऋषिकेश में मिले हाथ-पैर के हाथ में महिला का नाम लिखा हुआ था। इसके आधार पर पुलिस तलाश करती हुई रतलाम पहुंची और वहां से महिला की शिनाख्त हुई थी और फिर महिला के आखिरी लोकेशन उज्जैन में पाई गई। वहां के सीसीटीवी खगालने पर कमलेश की पहचान हुई और पुलिस हत्यारे तक पहुंच गई।
पूरे घटनाक्रम में आरोपी कमलेश की पत्नी जो कि मूक-बधिर है, उसके माध्यम से हत्या के और सबूत जुटाए गए और उसको इस हत्याकांड की अहम कड़ी बनाया गया है। हत्याकांड की घटना में कुलसी में मूकबधिर संस्था से जुड़े लोगों का भी सहारा लिया गया।
कमलेश मूल रूप से उत्तर प्रदेश के ललितपुर का रहने वाला है और घूमने के लिए उज्जैन आया था और यहीं पर रहने लगा और कैटरिंग का काम कर रोजी-रोटी कमाने लगा था। उसके मन में इस तरह का कृत्य क्यों आया इसका पूछताछ में खुलासा होगा, लेकिन बताया जाता है कि वह उज्जैन के रेलवे स्टेशन पर ही घूमता रहता है। जीआरपी पुलिस ने 17 दिनों के अंदर ही पूरे हत्याकांड का खुलासा कर दिया।

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