हल्द्वानी: हल्द्वानी के कोटाबाग इलाके से शुक्रवार सुबह एक दुखद घटना सामने आई, जब वन दरोगा पूरन चंद्र आर्या अपने सरकारी कमरे में बेसुध पाए गए। उन्हें तुरंत नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया…लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस के अनुसार, पूरन चंद्र आर्या मूल रूप से पंतनगर, शांतिपुरी नंबर-3, ऊधमसिंह नगर के निवासी थे और कोटाबाग में वन विभाग में तैनात थे। गुरुवार रात उन्होंने खाना खाकर अपने कमरे में सोने चले गए थे। रात तक उनकी स्थिति सामान्य थी, लेकिन शुक्रवार सुबह कर्मचारियों ने उन्हें बेहोश पाया।

दरवाजा खटखटाने पर भी जब कोई जवाब नहीं आया…तो कर्मचारियों ने चिंता जताई और कमरा खोला। आनन-फानन में उन्हें स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया…लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पूरन चंद्र आर्या अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। कोमवाल अमरचंद शर्मा ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव स्वजन को सौंप दिया गया है।


अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -
👉 व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें
👉 यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें
हमारे इस नंबर 7017926515 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें



हल्द्वानी :(बड़ी खबर) रामलीला मैदान शुद्धिकरण मामले में नया मोड़, राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज
उत्तराखंड: रुद्रनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खबर, इस तारीख को बंद हो जाएंगे कपाट
Snapchat पर हुई दोस्ती, उत्तराखंड में यहाँ पहुंचा मामला थाने तक; 16 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म
नेपाल के बाद उत्तराखंड की बारी? ग्लेशियर झीलों को लेकर वैज्ञानिकों ने बताई सबसे बड़ी चिंता
उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट, इन जिलों में स्कूल-आंगनबाड़ी बंद; 4 सितंबर तक मौसम रहेगा खराब
CM धामी का महिलाओं को बड़ा तोहफा, फ्री बस यात्रा के साथ ढाई लाख तक रियायती ऋण की तैयारी
उत्तराखंड: गिर्दा के गीतों से लेकर ग्रामीणों की आवाज तक, बिंदुखत्ता में राजस्व ग्राम आंदोलन ने पकड़ी रफ्तार
हल्द्वानी : भारी बारिश के चलते नैनीताल जिले में कल छुट्टी 
