खेती चौपट

उत्तराखंड- पहाड़ से लेकर मैदान तक बरसात से किसानों की टूटी कमर..मुआवजे की मांग…

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उत्तराखण्ड के पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में कोरोना की मार से पहले ही खेती चौपट थी और अब दो दिनों की बेमौसमी बरसात ने इसे पूरी तरह ही खत्म करके रख दिया है । किसान अब सरकार से मुआवजे की मांग कर रहे हैं ।मौसम विभाग की भविष्यवाणी के बाद नैनीताल के पहाड़ी व मैदानी और उधम सिंह नगर जिले के कई हिस्सों में तेज हवाओं और ओलावृष्टि के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हुई। बेमौसमी मौसम के कारण जहां एक तरफ किसान लॉक डाउन की मार झेल रहे हैं, वहीं ओलावृष्टि और मूसलाधार बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है ।

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खेती चौपट

किसान नेता गणेश उपाध्याय ने बताया कि किसानों की फसल बर्बाद हो गई है लिहाजा सरकार उन्हें मुआवजा दे, तांकि वो दूसरी बार अनाज बो सकें । खेतों में खड़ी फसल कटने को तैयार खड़ी है, लेकिन किसानों को लॉक डाउन के कारण लेबर नहीं मिल रही है । इतना ही नहीं, कटी हुई गेहूं की फसल भी भीगकर चौपट हो गयी। बारिश होने से तापमान में गिरावट आयी है । इसके अलावा बरसात और ओलावृष्टि ने पेड़ पर आम और लीची की फसल को भी काफी नुकसान पहुंचाया है। इससे पहाड़ों और मैदानों के किसानों की कमर टूट गई है। किसान अपने इस नुकसान के बाद सरकार से मुआवजे की मांग कर रहा है।

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