- 38वें राष्ट्रीय खेल में महाराष्ट्र ने खो-खो में दोनों वर्गों में जीता स्वर्ण पदक
हल्द्वानी: 38वें राष्ट्रीय खेल के पांचवें दिन खो-खो प्रतियोगिता में महाराष्ट्र ने अपना दबदबा कायम रखते हुए पुरुष और महिला दोनों श्रेणियों में स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। पुरुष वर्ग के फाइनल में महाराष्ट्र ने ओडिशा को 32-26 के स्कोर से हराया, वहीं महिला वर्ग में भी महाराष्ट्र ने ओडिशा को 31-28 से मात दी।
गौरतलब है कि 37वें राष्ट्रीय खेल में भी खो-खो के पुरुष और महिला वर्ग के फाइनल मुकाबले महाराष्ट्र और ओडिशा के बीच ही खेले गए थे।
पुरुषों की कांस्य पदक प्रतियोगिता में पश्चिम बंगाल और केरल के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला। दोनों टीमों ने एक ही समय पर खेल समाप्त किया, जिसके चलते मुकाबला सडन डेथ में गया और दोनों टीमों को संयुक्त रूप से कांस्य पदक प्रदान किया गया।
महिला वर्ग के कांस्य पदक मैच में दिल्ली और कर्नाटक के बीच बेहद रोमांचक मुकाबला हुआ। यह मैच भी सडन डेथ में पहुंचा और अंततः दोनों टीमों को संयुक्त रूप से कांस्य पदक से सम्मानित किया गया।
38वें राष्ट्रीय खेल में खो-खो प्रतियोगिता का यह रोमांचक समापन खेल प्रेमियों के लिए यादगार बन गया।
अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -
👉 व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें
👉 यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें
हमारे इस नंबर 7017926515 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें



उत्तराखंड:(दुखद) पति- पत्नी की दर्दनाक मौत, बच्चे हुवे अनाथ
हल्द्वानी :(बड़ी खबर) कमिश्नर दीपक रावत की रडार आया बड़ा फर्जीवाड़ा, 39 करोड़ का गोलमाल, मुकदमा करने के निर्देश
देहरादून :(बड़ी खबर) कई IAS और PCS अधिकारियों के तबादले
हल्द्वानी : मुख्यमंत्री धामी का शेफ समुदाय से संवाद, उत्तराखंड के स्वाद को “लोकल से ग्लोबल” बनाने का आह्वान
हल्द्वानी: हमसे मजदूरी कराई जा रही है, ITI छात्रों का गंभीर आरोप, कुमाऊँ आयुक्त से कार्रवाई की मांग
हल्द्वानी : सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले निकले पति-पत्नी, क्षेत्र में शोक की लहर
रुद्रपुर : तहसीलदारों के तबादले
हल्द्वानी :(बड़ी खबर) DM रयाल ने ली ADB के अधिकारियों की बैठक, CITY मजिस्ट्रेट को विकास कार्यों के स्थलीय निरीक्षण के निर्देश
उत्तराखंड: यहां 50 हजार को रिश्वत लेते, जिला पूर्ति अधिकारी सहित दो गिरफ्तार
देहरादून :(बड़ी खबर) देवभूमि की आध्यात्मिक विरासत पर संवाद, जिलाधिकारी नैनीताल को भेंट की गई ‘जय माँ बगलामुखी’ पुस्तक 

