हल्द्वानी – हल्द्वानी की सोनी बनेंगी सेना में लेफ्टिनेंट, संघर्ष की कहानी किसी प्रेरणा से कम नही

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Haldwani News -जीवनसाथी को खोने के बाद दोबारा जिंदगी शुरू करना आसान नहीं होता है। कहना आसान है कि वक्त के साथ जख्म भर जाते हैं लेकिन जो इन परिस्थितियों का सामना करता है, उसके लिए एक-एक मिनट भी वर्षों की तरह बीतता है। हालांकि कुछ लोग, बीते हुए कल को पीछे छोड़ते हुए कुछ नया करने की तरफ निकल जाते हैं। उनकी कोशिश होती है कि उनका काम आने वाली पीढ़ी के लिए उदाहरण बनें।

हल्द्वानी निवासी सोनी बिष्ट ने भी कुछ ऐसा ही किया है। सोनी बिष्ट को सर्विस सिलेक्शन बोर्ड (SSB)इंटरव्यू में कामयाबी मिली है। वो भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनेंगी। उनका चयन ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकेडमी में हुआ है और ट्रेनिंग पूरा होने के बाद वो भारतीय सेना का हिस्सा बनेंगी।

भारतीय सेना में पहुंचने का सफर सोनी के लिए आसान नहीं था। साल 2022 दिसंबर में सोनी बिष्ट की शादी नीरज सिंह भंडारी से हुई थी जो भारतीय सेना में थे। नीरज 18 कुमाऊं रेजिमेंट का हिस्सा थे। जनवरी 2023 में एक सड़क हादसे में नीरज की मौत हो गई। इसके बाद मानों परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। नीरज के निधन की खबर मिलते ही मां को हार्ट अटैक आ गया। इसके बाद सोनी के देवर और नीरज के छोटे भाई भी बीमार पड़ गए।

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शादी के एक महीने बाद किसी के साथ ऐसा हो तो ना जाने कैसे कैसे ख्याल आने लगते हैं। शादी के तुरंत बाद सोनी का जीवन पूरी तरह से बदल गया था। हालांकि उन्हें कई लोगों ने सहयोग किया। सोनी बिष्ट के पिता सुबेदार कुंदन सिंह ने उन्हें सेना में जाने की सलाह दी और फिर तैयारी शुरू हो गई। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो सोनी बिष्ट ने आर्मी पब्लिक स्कूल से पढ़ाई की थी। इसके बाद जोधपुर में ग्रेजुएशन किया।

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सोनी ने ये भी बताया कि नीरज के निधन के बाद वह डॉक्यूमेंटेशन के लिए कुमाऊं रेजिमेंट गई थीं। कमांडिंग ऑफिसर ने उन्हें सेना के जवानों की विधवा वाले स्पेशल कोटा से ओटीए चेन्नई में अप्लाई करने को कहा। रिटायर्ड सेना के अधिकारी मेजर जनरल यश मोर ने सोनी की एसएसबी इंटरव्यू के लिए पूरी तैयारी करवाई। सोनी बिष्ट कहती है कि मेरी किस्मत अच्छी है कि मेरे कठिन वक्त में कई लोगों ने सहयोग किया और उसी के बदौलत ये सपना साकार हुआ है।

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परिवार वालों को जब पता चला तो सब खुशी में रोने लगे। पूरे परिवार के लिए ये एक बड़ा पल है क्योंकि बीता एक साल बुरे सपने की तरह था।

सोनी बिष्ट की कहानी युवाओं के लिए एक उदाहरण है। वहीं कहानी ये भी बताती है कि महिलाएं मानसिक रूप से काफी मजबूत होती है। उन्हें सही दिशा मिल जाए तो कोई भी लक्ष्य उनके लिए बड़ा नहीं है।

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