मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कानून व्यवस्था को लेकर उच्च स्तरीय बैठक ली
अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश, पुलिस को सक्रिय एवं परिणामोन्मुखी कार्यवाही के आदेश

हर स्तर पर जवाबदेही तय की जाए – सीएम
अपराधों पर तत्काल मुकदमे दर्ज किए जाएं
आदतन एवं संगठित अपराध में संलिप्त अपराधियों पर सख्त निगरानी रखने के निर्देश – मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री की संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त और निगरानी बढ़ाने की कड़ी हिदायत
मुख्यमंत्री श्री धामी ने सख्त शब्दों में कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने डीजीपी को निर्देश दिए कि सभी प्रकार के अपराधों पर तत्काल मुकदमे दर्ज किए जाएं और अपराधियों के विरुद्ध कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी आज मुख्यमंत्री आवास में प्रदेश की कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उच्च स्तरीय बैठक ले रहे थे ।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से आदतन एवं संगठित अपराध में संलिप्त अपराधियों पर सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे तत्वों की पहचान कर उनके विरुद्ध विधिक प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि समाज में कानून का भय स्थापित हो और आमजन स्वयं को सुरक्षित महसूस करें।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि पुलिस पूरी सक्रियता, सतर्कता और जवाबदेही के साथ कार्य करे। थानों और चौकियों की कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़ किया जाए तथा संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त और निगरानी बढ़ाई जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि शहरी क्षेत्रों में यातायात एवं सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराधियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। कानून हाथ में लेने वालों, असामाजिक तत्वों और प्रदेश की शांति भंग करने का प्रयास करने वालों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि परिणाम दिखने चाहिए और जनता को सुरक्षा का अनुभव होना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि उनकी सरकार “अपराध मुक्त उत्तराखण्ड” के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। प्रदेश की शांति, सुरक्षा और सुशासन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन की जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए किया कि कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की नियमित समीक्षा की जाए और हर स्तर पर जवाबदेही तय की जाए, ताकि प्रदेश में कानून का राज और अधिक सशक्त हो सके।
बैठक में मुख्य सचिव, डीजीपी पुलिस, सचिव गृह, एडीजीपी ( लॉ एन्ड आर्डर), गढ़वाल कमिश्नर सहित पुलिस एवं शासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


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