अत्यधिक वर्षा के कारण विद्यार्थियों की सुरक्षा हेतु आवश्यक उपाय किये जाने के सम्बन्ध में
उपर्युक्त विषयक आप भिज्ञ हैं कि इस वर्षा काल में दिनांक 05 अगस्त, 2025 को जनपद उत्तरकाशी में बादल फटने से दुर्भाग्यपूर्ण घटना के कारण भारी जन-धन की हानि हुई है। इस घटना के पश्चात् हमें और सचेत रहने तथा विद्यार्थियों की सुरक्षा हेतु सभी उपाय किये जाने की आवश्यकता है।

2-
भारी वर्षा की चेतावनी के फलस्वरूप जिलाधिकारियों द्वारा घोषित किए जाने वाले अवकाश की सूचना ससमय विद्यार्थियों तक पहुंचाने हेतु शिक्षकों को सोशल मीडिया/क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियों / विद्यालय प्रबन्ध समिति के सदस्यों के माध्यम से सूचित किए जाने हेतु एक प्रणाली विकसित की जाय।
3-
जर्जर भवनों के प्रयोग पर पूर्व में ही रोक लगायी गयी है। इस सम्बन्ध में पुनः निर्देशित किया जाता है कि क्षतिग्रस्त / जर्जर भवनों का प्रयोग किसी भी दशा में न किया जाय। ऐसे भवनों के ध्वस्तीकरण हेतु तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित की जाय। इसके अतिरिक्त विद्यालय सुरक्षा प्लान को पूरी तरह से लागू करते हुए विद्यार्थियों का नदी-नाले एवं जलभराव के स्थान से दूर रहने हेतु संवेदीकरण किया जाय।
4-बरसात में विद्यार्थियों, विशेषतः दिव्यांग विद्यार्थियों, की सुरक्षा हेतु सावधानियां बरती जांय। इस मौसम में दुर्घटना सम्भावित क्षेत्रों से आवागमन को प्रतिबन्धित रखा जायेगा और आवश्यकतानुसार अवकाश प्रदान किया जायेगा। इस सम्बन्ध में यह भी निर्देशित किया जाता है कि अधिक दूरी से आवागमन करने वाले शिक्षक भी विद्यालय के समीप ही अवस्थापन करें, जिससे उनका स्वयं का जीवन सुरक्षित रहे। कतिपय स्थानों पर विद्यालय आने-जाने हेतु ट्राली का भी प्रयोग किया जा रहा है, जब नदियां उफान पर हैं और लगातार वर्षा हो रही है तो ऐसे साधनों का प्रयोग किसी भी स्थिति में न किया जाय।
5-आपदा से क्षतिग्रस्त प्रत्येक विद्यालय की सूचना खण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय/तहसील कार्यालय / मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय एवं जिला आपदा नियंत्रण केन्द्र तक तत्काल पहुँचायी जाय। क्षतिग्रस्त विद्यालयों के फोट एवं जी-20 प्रारूप की सूचना तत्काल प्राप्त किये जायेंगे। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में स्थापित टोल फ्री नं0-01352781440 पर भी घटना से अवगत कराया जायेगा।
6-आपदा से क्षतिग्रस्त परिसम्पतियों की मरम्मत / रिस्टोरेशन हेतु जी-20 एवं क्षति के फोटोग्राफ्स सहित आगणन तैयार किए जायेंगे। जिन क्षतियों को जनपद स्तरीय आपदा
निधि से ठीक कराया जा सकता है, के अतिरिक्त अन्य प्रस्ताव राज्य स्तर पर प्राप्त होने वाली निधि से स्वीकृत हेतु प्रस्तुत किये जायें।
7-भारी वर्षा के इस मौसम में विकासखण्ड/जनपद / प्रदेश स्तर पर माध्यमिक शिक्षा से सम्बन्धित किसी भी प्रकार की बैठकों / प्रशिक्षणों एवं शिक्षकों व विद्यार्थियों के एकत्रीकरण पर तत्काल रोक लगायी जाती है। खण्ड शिक्षा अधिकारी अपने विकासखण्ड में विभागीय सम्पतियों की क्षति की सूचना एवं सुदृढ़ीकरण हेतु उपाय किए जाने हेतु नोडल अधिकारी होंगे, जो सभी स्तरों पर समन्वय कर सभी आवश्यक उपाय करेंगे।
8-
इस सम्बन्ध में अपने-अपने जनपदों की आवश्कतानुसार राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में सुरक्षा उपायों को सुनिश्चित किया जाय। विद्यालय सुरक्षा उपायों में किसी भी प्रकार की कोताही न होने पाये।


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