उत्तराखंड : देवभूमि की बेटी ने बढ़ाया मान: हेमा बनीं लेफ्टिनेंट कर्नल

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देवभूमि की बेटी ने बढ़ाया मान: हेमा बनीं लेफ्टिनेंट कर्नल_सेवा, समर्पण और साहस की मिसाल

हल्द्वानी/पिथौरागढ़।
देवभूमि उत्तराखंड की एक और बेटी ने देश सेवा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छूते हुए प्रदेश का मान बढ़ाया है। मूल रूप से पिथौरागढ़ जनपद के ग्राम सिरतोली की निवासी हेमा भाट को भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर पदोन्नत किया गया है। उनकी यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय बन गई है।

हेमा भाट, रिटायर्ड सूबेदार मेजर उमेद सिंह भाट की पुत्री हैं। उनका परिवार वर्तमान में हल्द्वानी के डिफेंस कॉलोनी, भगवानपुर रोड, हिम्मतपुर तल्ला में निवास करता है। सैन्य परंपरा और अनुशासन के माहौल में पली-बढ़ीं हेमा भाट ने अपनी कड़ी मेहनत, लगन और समर्पण से सेना में एक विशिष्ट पहचान बनाई है।

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उन्होंने 1 मार्च 2010 को मिलिट्री नर्सिंग सर्विस (MNS), आर्मी मेडिकल कोर (AMC) में कमीशन प्राप्त किया था। बीते करीब 15 वर्षों की सेवा के दौरान उन्होंने एक नर्सिंग अधिकारी के रूप में उत्कृष्ट कर्तव्यनिष्ठा, सेवा भावना और पेशेवर दक्षता का परिचय दिया है।

देश के प्रति उनकी उल्लेखनीय सेवाओं को देखते हुए उन्हें 26 जनवरी 2023 को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) प्रशस्ति पत्र से भी सम्मानित किया गया। उनकी इसी मेहनत और समर्पण का परिणाम है कि 1 मार्च 2026 को उन्हें लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर पदोन्नत किया गया। वर्तमान में वे एक एयर फोर्स स्टेशन के मेडिकल यूनिट में अपनी सेवाएं दे रही हैं।

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हेमा भाट के पति कर्नल भीष्म चौहान भी भारतीय सेना में कार्यरत हैं। दोनों पति-पत्नी वर्तमान में पंजाब में तैनात होकर देश की सेवा कर रहे हैं।

लेफ्टिनेंट कर्नल हेमा भाट की यह सफलता प्रदेश की युवतियों और महिलाओं के लिए एक सशक्त संदेश है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और उसे पाने के लिए मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ा जाए, तो कोई भी सपना असंभव नहीं होता।

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देवभूमि की इस बेटी ने यह साबित कर दिया है कि महिलाएं भी सेना जैसे चुनौतीपूर्ण और जिम्मेदार क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए देश का नाम रोशन कर सकती हैं।

कैप्टन सोबन सिंह भड़ (सेवानिवृत्त), सामाजिक कार्यकर्ता ने भी इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखंड की बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं और यह पूरे समाज के लिए गर्व की बात है।

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