वो जो देखा था हमने एक सपना…
कि कैसा होगा अलग प्रदेश अपना…
वो सपना रोज़ टूटता हैं…
जब गाँव किसिका छूटता है….
जब मजबूरियाँ किसी को खींचती है…
और बूढ़ी आँखें चीखती है …
पर ज़ुबान ख़ामोश ही रहती है …
बस भली के जाया वो कहती है…
फिर जवानी नीचे भागती है…
और बुढ़ापा ऊपर बैठा बस राह तकता है…
कभी देहली पे ऐपण बनती थी
अब दरवाज़ों पे ताला लटकता है….
जिस राज्य के लिए बलिदान दिये थे
वो आज जंगल में बदल रहा है …
हो सके तो उठ जाओ
वक्त हाथ से फिसल रहा है..
जन्म दे भले ही पहाड़ नदी को
पर नदी पहाड़ को छोड़ती है…
जो सपना देखा था हमने
उसे हक़ीकत रोज़ तोड़ती है….
ADVERTISEMENTS


अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -
👉 व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें
👉 यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें
हमारे इस नंबर 7017926515 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें



देहरादून :(बड़ी खबर) पिता की वर्दी और टोपी भी काम न आई, पुलिस ने उतारी खुमारी
देहरादून :(बड़ी खबर) 12 और 13 मई को ऑरेंज अलर्ट जारी
लालकुआं : यहां हाईवे पर दर्दनाक हादसा, युवक की मौत, एक गंभीर
हल्द्वानी : (बड़ी खबर) यहां फैशन बुटीक निकला नशे का अड्डा, 5 किलो चरस बरामद
नैनीताल: वीकेंड पर नैनीताल पुलिस सतर्क,रौब झाड़ने वालों की आई शामत
उत्तराखंड : भारी बर्फबारी के बीच 15,092 फीट की ऊंचाई पर ‘कनाकाटा पास’ फतह
उत्तराखंड: यहां जनगणना में अनुपस्थित 12 कर्मचारियों पर प्राथमिकी दर्ज
उत्तराखंड: मौसम बदलेगा करवट: सभी 13 जिलों में बारिश के आसार
हल्द्वानी : सपेरों के भेष में चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 25 लाख के जेवर बरामद
लालकुआं :(दुखद) कंपनी से बाहर आ रही युवती की अचानक मौत 
