उत्तराखंड:(दुखद) हादसे में एक साथ बुझे घर के दो चिराग

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हादसे में एक साथ बुझे घर के दो चिराग

श्रीनगर। ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर मालाखुंठी के समीप हुए सड़क हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन लीं। हादसे में एक ही परिवार के भाई-बहन रक्षा सेमवाल (24) पुत्री राकेश सेमवाल और ऋषभ सेमवाल (22) की मौत से क्षेत्र में शोक की लहर है।

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रक्षा ने दो माह पहले ही लैब टेक्नीशियन में नौकरी शुरू की थीं जबकि ऋषभ सिंचाई विभाग में कार्यरत था। दोनों मूलरूप से कीर्तिनगर ब्लॉक के सेमवाल गांव मलेथा के रहने वाले थे। वर्तमान में उनका परिवार श्रीनगर के भक्तियाना में रह रहा है। एक साथ दो जवान बच्चों की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। रक्षा सेमवाल सीएचसी कीर्तिनगर में लैब टेक्नीशियन के पद पर संविदा कर्मी के रूप में कार्यरत थीं।

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सोमवार को जब सीएचसी कीर्तिनगर के कर्मचारियों को रक्षा के मौत की खबर मिली तो किसी को विश्वास ही नहीं हुआ। रक्षा के मामा प्रवीन पांडेय ने बताया कि रक्षा ने केवि श्रीनगर से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की थी। हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज जौलीग्रांट से लैब टेक्नीशियन का कोर्स किया। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्हें संविदा पर सीएचसी कीर्तिनगर में काम करने का अवसर मिला था। नौकरी मिलने के बाद परिवार को भी रक्षा के अपने पैरों पर खड़े होने की खुशी थी लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। वहीं रक्षा का छोटा भाई ऋषभ भी भविष्य संवारने में जुटा था। उसने एसजीआरआर स्कूल से इंटरमीडिएट की पढ़ाई की। इसके बाद सिविल इंजीनियरिंग में पॉलिटेक्निक किया। वर्तमान में वह सिंचाई विभाग में एक अवर अभियंता के अधीन अस्थायी तौर पर कार्य कर रहा था। मगर हादसे ने एक झटके में परिवार की सारी उम्मीदें छीन लीं। एक ही दिन में बेटी और बेटे को खोने का गम परिजनों के लिए असहनीय हो गया है।

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गांव से लेकर श्रीनगर तक पसरा मातम

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कुछ दिन पहले अस्पताल में मरीजों के नमूने लेने और जांच में जुटी रहने वाली रक्षा अब हमेशा के लिए उनसे दर हो चुकी थीं। अस्पताल परिसर में उनके सहकर्मियों की आंखें नम थीं। चिकित्सकों और कर्मचारियों ने रक्षा के निधन रक्षा और ऋषभ की मौत की खबर जैसे ही बोगा सेमवाल गांव और भक्तियाना क्षेत्र में पहुंची वहां मातम पसर गया। परिचित और रिश्तेदार परिवार को ढांढस बंधाने के लिए पहुंचने लगे। हर किसी की जुबान पर दोनों भाई-बहन के मिलनसार व्यवहार की चर्चा रही। रक्षा-ऋषभ की दादी मुन्नी देवी का भी रो-रोकर बुरा हाल है।

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