- गुलदार ने बनाया 17 वर्षीय मासूम को अपना निवाला।
देवप्रयाग- गुरुवार देर रात यहां गुलादर ने एक 17 वर्षीय बालक को निवाला बना लिया। किशोर का क्षत-विक्षत शव कई घंटे की खोजबीन के बाद घटनास्थल से काफी दूरी पर देर रात स्थानीय लोगों और वन विभाग की टीम ने बरामद किया। देवप्रयाग विधायक ने सुबह चार बजे घटनास्थल पर पहुंचकर गुलदार को तत्काल पकड़ने के निर्देश पर शुक्रवार (आज) सुबह करीब साढ़े पांच बजे गुलदार को पिंजरे में कैद करने में सफलता हाथ लगी है।
देवप्रयाग तहसील में स्टाम्प विक्रेता बलवंत सिंह चौहान का बेटा अनुराग देवप्रयाग डिग्री कॉलेज में क्रिकेट खेलने गया था। जब वह करीब सात बजे खेलकर लौट रहा था, तो अचानक घात लगाकर बैठे गुलदार ने उस पर हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के शोर मचाने पर भी गुलदार ने उसे नहीं छोड़ा। सूचना पर स्थानीय पुलिस और वन विभाग की टीम के साथ स्थानीय लोग कई घंटों तक उसे ढूंढ़ते रहे, लेकिन किशोर का कुछ पता न चल सका। देर रात वन विभाग और पुलिस की टीम को किशोर का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। किशोर की मां शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं। अनुराग कक्षा बारहवीं का छात्र था। लोगों ने वन विभाग एवं सरकार से क्षेत्र में सक्रिय गुलदारों को पकड़ने की मांग की है। देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी ने कहा कि गुलदार को सुबह साढ़े पांच बजे के करीब पिंजरे में कैद कर दिया गया है।
अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -
👉 व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें
👉 यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें
हमारे इस नंबर 7017926515 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें



उत्तराखंड: उपनल कर्मचारियों के नियमितीकरण पर अब आखिरी सुनवाई, हाईकोर्ट ने 7 अक्टूबर की तारीख तय की
हल्द्वानी से धारचूला तक विकास का बड़ा प्लान, सीएम धामी ने मंजूर किए करोड़ों रुपये
पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए बड़ी खुशखबरी, उत्तराखंड में सीधे सरकारी नौकरी का मौका; 9 अक्टूबर आखिरी तारीख
उत्तराखंड की विकास यात्रा पर बोले सीएम धामी, स्थायित्व, रोजगार और युवाओं के अवसरों पर रखी बात
उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज, सीईओ ने जिलाधिकारियों को दिए ये जरूरी निर्देश
उत्तराखंड: NSS स्थापना दिवस पर लमगड़ा कॉलेज में जुटे छात्र, स्वच्छता अभियान से दिया खास संदेश
देहरादून: फणीन्द्रनाथ शर्मा बने उत्तराखंड भाजपा के नए प्रदेश महामंत्री संगठन
रुद्रपुर कोतवाल प्रकाश दानू हटाए गए, शंकर सिंह बिष्ट को मिली नानकमत्ता की जिम्मेदारी
देहरादून: शिक्षकों के लिए खत्म हो टीईटी की बाध्यता, अखिल भारतीय शिक्षक महासंघ ने उठाई मांग 
