देहरादून। उत्तराखंड में शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के इस्तेमाल के लिए तैयार करने की दिशा में नई पहल शुरू हुई है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) उत्तराखंड और कोटक एजुकेशन फाउंडेशन (KEF) के बीच इस संबंध में समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर हुए हैं।
इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के शिक्षकों में AI की समझ और तकनीकी दक्षता बढ़ाना है। इसके साथ ही डिजिटल और तकनीक आधारित शिक्षा को मजबूत करने पर भी काम किया जाएगा।

समझौते के तहत SCERT उत्तराखंड का IT विभाग और कोटक एजुकेशन फाउंडेशन मिलकर शिक्षकों के लिए AI से जुड़े शैक्षिक कंटेंट और ऑनलाइन पाठ्यक्रम तैयार करेंगे। शिक्षकों को तकनीकी सहायता देने के साथ-साथ इन पाठ्यक्रमों को लागू करने और अधिक से अधिक शिक्षकों तक पहुंचाने की दिशा में भी काम किया जाएगा।
SCERT के अतिरिक्त निदेशक पद्मेंद्र सकलानी ने इस सहयोग को औपचारिक मंजूरी दी है। उनके अनुसार इस साझेदारी के तहत तैयार होने वाले पाठ्यक्रमों को दीक्षा, यूके ई-सृजन और मिशन कर्मयोगी जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने की योजना है।
इस पहल के तहत KEF, SCERT उत्तराखंड के साथ मिलकर ‘AI Course for Educators’ को राज्य की जरूरतों के अनुसार तैयार और लागू करेगा। इसका उद्देश्य शिक्षकों को कक्षा में AI और दूसरी डिजिटल तकनीकों के प्रभावी इस्तेमाल के लिए तैयार करना है।
पाठ्यक्रमों में AI और नई डिजिटल शिक्षण पद्धतियों को शामिल किया जाएगा। इससे शिक्षकों को पढ़ाई के दौरान तकनीक का बेहतर इस्तेमाल करने में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही विद्यार्थियों की कक्षा में भागीदारी, शिक्षक प्रशिक्षण और सीखने की प्रक्रिया को मजबूत करने पर भी जोर रहेगा।
MoU हस्ताक्षर कार्यक्रम में SCERT की निदेशक (अकादमिक) बंदना गर्ब्याल, उप निदेशक विनोद मथुरा, सहायक निदेशक डॉ. के.एन. बिजल्वाण और IT विभाग से रमेश प्रसाद बडोनी मौजूद रहे। वहीं कोटक एजुकेशन फाउंडेशन की COO जयश्री रमेश, मिलिंद पांडे और दीपक पाठक भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
SCERT उत्तराखंड की निदेशक (अकादमिक) बंदना गर्ब्याल ने इस साझेदारी का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के शिक्षकों, खासकर दूरस्थ जिलों में काम कर रहे शिक्षकों तक AI आधारित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जुड़े संसाधन पहुंचाने में मदद मिलेगी। उन्होंने इसे शिक्षकों के बेहतर प्रशिक्षण, विद्यार्थियों में नवाचार और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप कक्षाओं को तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण सहयोग बताया।
कोटक एजुकेशन फाउंडेशन की COO जयश्री रमेश ने कहा कि हर शिक्षक को भविष्य की तकनीकों के अनुरूप जरूरी उपकरण और प्रशिक्षण मिलना चाहिए…ताकि विद्यार्थियों को भी भविष्य के लिए तैयार किया जा सके।
केईएफ का ‘एजुकेटर्स के लिए AI साथी’ नाम से AI पाठ्यक्रम पहले से महाराष्ट्र में लागू है। यह पाठ्यक्रम SCERT महाराष्ट्र के साथ मिलकर तैयार किया गया है और दीक्षा प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। संस्था के अनुसार महाराष्ट्र में इस पाठ्यक्रम की पहुंच 7.5 लाख से अधिक शिक्षकों तक हो चुकी है। अब इसी राज्य स्तरीय मॉडल को उत्तराखंड के शिक्षकों तक पहुंचाने की दिशा में काम किया जाएगा।
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