उत्तराखंड के युवाओं को सिखाई जाएंगी विदेशी भाषाएं, हर जिले में ट्रेनिंग सेंटर खोलने की तैयारी

KhabarPahad-App
खबर शेयर करें -

देहरादून: उत्तराखंड के युवाओं को रोजगार के ज्यादा अवसर देने के लिए सरकार विदेशी भाषाएं सिखाने की योजना बना रही है। इसके तहत युवाओं को अंग्रेजी के अलावा दूसरी देशों की भाषाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे उन्हें भारत के साथ-साथ विदेशों में भी नौकरी पाने में मदद मिल सकती है।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में अधिकारियों के साथ बैठक कर इस योजना को लेकर जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विदेशी भाषा सीखने का मौका सिर्फ कॉलेज जाने वाले युवाओं को ही नहीं….बल्कि स्कूली विद्यार्थियों, आईटीआई के छात्रों और नर्सिंग की पढ़ाई कर रहे युवाओं को भी मिलना चाहिए।

ADVERTISEMENTS
यह भी पढ़ें 👉  पहली बार हल्द्वानी पहुंचे भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश मीडिया सह संयोजक भुवन जोशी, कार्यकर्ताओं ने किया स्वागत
Ad

फिलहाल देहरादून, अल्मोड़ा और बागेश्वर में विदेशी भाषाएं सिखाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मुख्य सचिव ने इस व्यवस्था को पूरे प्रदेश में शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए हर जिले में प्रशिक्षण केंद्र खोलने की योजना तैयार की जाएगी।

युवाओं को ऑनलाइन और केंद्रों पर जाकर, दोनों तरीकों से प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की जाएगी। शिक्षा विभाग को अटल उत्कृष्ट विद्यालयों और राजीव नवोदय विद्यालयों में भी अंग्रेजी के अलावा दूसरी विदेशी भाषाएं सिखाने की योजना बनाने को कहा गया है।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड की ग्लेशियल झील पर पहली बार लगा अर्ली वार्निंग सिस्टम, हर दो घंटे में मिलेगी जानकारी

सरकार नर्सिंग की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को भी विदेशी भाषाएं सिखाने की तैयारी कर रही है। मुख्य सचिव के मुताबिक, प्रदेश के सरकारी नर्सिंग कॉलेजों में करीब 600 युवा प्रशिक्षण ले रहे हैं। इन्हें विदेशी भाषाओं की जानकारी देने से रोजगार के नए अवसर मिल सकते हैं।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि युवाओं को ऐसी विदेशी भाषाएं सिखाई जाएं, जिनकी नौकरी के क्षेत्र में मांग है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद युवाओं को देश और विदेश में उपलब्ध रोजगार के अवसरों से जोड़ने के लिए संबंधित एजेंसियों के साथ संपर्क किया जाए।

यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानी : रोते हुए बोले विधायक सुमित हृदयेश—मेरी जान को खतरा, फोन टैपिंग का लगाया आरोप

प्रशिक्षण पूरा करने वाले युवाओं को मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र देने की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया। इसके अलावा, दून विश्वविद्यालय में विदेशी भाषाएं पढ़ रहे विद्यार्थियों की मदद प्रशिक्षण कार्यक्रमों में लेने और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए शैक्षणिक क्रेडिट या अन्य सुविधाएं देने के निर्देश दिए गए।

बैठक में सचिव दिलीप जावलकर, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, विनय शंकर पांडेय, ज्योति यादव, दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल और अपर सचिव मनुज गोयल समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

ADVERTISEMENTS
अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -

👉 व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें

👉 फेसबुक पेज़ को लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें

हमारे इस नंबर 7017926515 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें