उत्तराखंडः यहां बनेगा पहला गैस शवदाह गृह, लकड़ी पर निर्भरता होगी खत्म

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Haridwar News: उत्तराखंड में लगातार नई-नई चीजों का विकास हो रहा है। हल्द्वानी में भारत का पहला एस्टो पार्क बनने जा रहा है। वहीं खबर हरिद्वार जिले से भी है। जहां खड़खड़ी स्थित श्मशान घाट पर राज्य का पहला गैस आधारित तकनीक से संचालित शवदाह गृह का निर्माण होगा। इस शवदाह के बनने से लकड़ी की निर्भरता और धुएं को काफी हद तक कम किया जा जा सकेगा।

बुधवार को जिलाधिकारी विनय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में खड़खड़ी स्थित विद्युत शवदाह गृह के संचालन को लेकर सेवा समिति पदाधिकारियों के साथ बैठक हुई। समिति अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता ने बताया कि श्मशान घाट में विद्युत शवदाह गृह है, लेकिन लोग अपनों का अंतिम संस्कार उसमें नहीं करते हैं। यह केवल लावारिस लाशों के लिए ही प्रयोग हो रहा है। लोक निर्माण विभाग विद्युत एवं यांत्रिक ऋषिकेश के अधिशासी अभियंता सुरेंद्र सिंह ने बताया कि विद्युत शवदाह गृह के जीर्णोद्धार में 142.74 लाख रुपये खर्च होंगे। लेकिन गैस आधारित शवदाह गृह का निर्माण 123.47 लाख रुपये से हो जाएगा।

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सेवा समिति के अध्यक्ष ने कहा कि खड़खड़ी स्थित श्मशान घाट में लकड़ियों से शवों का दहन किया जाता है। अधिशासी अभियंता ने कहा कि तकनीक में परिवर्तन कर लकड़ी के स्थान पर गैस का प्रयोग किया जा सकता है। जिलाधिकारी ने गैस तकनीक आधारित शवदाह गृह का निर्माण कराया जाए और अभियंता इसकी स्थलीय रिपोर्ट दें।

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