उत्तराखंड: निजी बस ऑपरेटरों के लिए चिंता की खबर, इन सड़कों को खोलने पर लगी रोक

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Dehradun News: निजी बस ऑपरेटरों के लिए चिंता की खबर सामने आई है। दरअसल निजी बस ऑपरेटर के लिए राज्य के 14 विभिन्न महत्वपूर्ण मार्गों को खोलने की तैयारी को झटका लगा है। बताया जा रहा है कि हाईकोर्ट ने इस अधिसूचित मार्गों को लेकर 27 मार्च 2023 को जारी अधिसूचना पर रोक लगा दी है। साथ ही कोर्ट ने सरकार को 4 सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

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बता दे इनमें सात मार्ग गढ़वाल और सात मार्ग कुमाऊं मंडल में हैं। इस मामले की सुनवाई रवींद्र मैठाणी की एकलपीठ में हुई है। मामले के अनुसार हाईकोर्ट में दून निवासी रामकुमार सैनी ने याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया है कि इस अधिसूचना पर उत्तराखंड के परिवहन सचिव ने 30 दिन के भीतर आपत्तियां आमंत्रित की थी। राज्य के अपर सचिव परिवहन नरेंद्र कुमार जोशी को आपत्तियों की सुनवाई के लिए प्राधिकृत अधिकारी नामित किया था। इसके साथ ही याचिका में यह भी कहा गया है कि धारा 102 के तहत यह अधिसूचना जारी नहीं की गई है, क्योंकि अधिसूचना में सुनवाई का समय और स्थान ऑफिशल गजट में प्रकाशित करना आवश्यक है। लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं किया गया है। अपर सचिव ने इन सभी मांगों को लेकर मिली आपत्तियों की सुनवाई पहले ही कर चुके हैं। अब इसकी अंतिम अधिसूचना होनी बाकी है। वहीं दूसरी और रोडवेज कर्मचारी यूनियन निजी ऑपरेटर के लिए मार्ग खोलने के पक्ष में नजर नहीं आ रहे हैं।

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