इस मुश्किल घड़ी में अपने फर्ज के लिए मिसाल बनी लेडी कॉन्स्टेबल, पढ़ें पूरी खबर.

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कोरोना वायरस से पूरी दुनिया जंग लड़ रही है उत्तराखंड में भी कोरोनावायरस को हराने के लिए कोरोना वैरियर्स दिन-रात दिन रात मेहनत कर रहे हैं चाहे वह अस्पताल में डॉक्टर, नर्स और स्टाफ हो या चाहे राज्य में इस मुश्किल हालातों में कानून व्यवस्था के साथ लोगों की मदद करने वाले पुलिस फोर्स हो, सभी कोरोना वैरियर्स बनकर कोरोनावायरस से जंग लड़ रहे हैं, corona wairars

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और हर जंग जीतने के लिए हौसले का होना बहुत जरूरी होता है और जरूरी होता है अपना फर्ज, क्योंकि फर्ज के आगे नाते रिश्ते सब पीछे हो जाते हैं और ऐसी मुश्किल घड़ी में अपने फर्ज को निभाया उत्तराखंड पुलिस की कांस्टेबल चंपा मेहरा ने, जिनके पिता गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद चंपा ने अपनी जिम्मेदारी और फर्ज को निभाते हुए जैसे ही स्टाफ की कमी होने की जानकारी मिली तो तत्काल अपनी ड्यूटी ज्वाइन की। ledy constebal corona wairars

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दरअसल चंपा मेहरा नैनीताल जिले के लालकुआ की रहने वाली हैं और देहरादून में एसएसपी कार्यालय में डायल 112 में तैनात है चंपा के पिता को डायबिटीज की समस्या है इसके अलावा उनकी दोनों किडनी अभी खराब हो चुकी हैं अपने पिता को अस्पताल में भर्ती करा कर उसकी देखरेख के लिए चंपा छुट्टी लेकर आई थी लेकिन 23 मार्च को लॉक डाउन होने के बाद चंपा को पता चला कि स्टाफ की कमी है लिहाजा उन्होंने परिवार और राज्य में मुसीबत की घड़ी देख अपने फर्ज को चुना और तुरंत ड्यूटी में जाने का मन बनाया, corona wairars of uttarakhand

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लॉक डाउन के दिन नैनीताल से देहरादून के लिए गाड़ी मिलना बहुत मुश्किल था लिहाजा चंपा ने दो बिस्कुट के पैकेट खरीदे और नैनीताल से देहरादून का सफर अपनी स्कूटी में तय किया रास्ते में सारी दुकानें बंद थी लिहाजा चंपा ने दो बिस्कुट के पैकेट साथ लेकर देहरादून के लिए सफर शुरू किया 25 मार्च को चंपा सुबह 7:00 बजे घर से स्कूटी से निकली और 1:00 बजे देहरादून पहुंच गई और चंपा ने इस तरह अपने फर्ज को चुनते हुए इस मुश्किल की घड़ी में कोरोन वैरियर्स बनने का फैसला लिया।

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2 thoughts on “इस मुश्किल घड़ी में अपने फर्ज के लिए मिसाल बनी लेडी कॉन्स्टेबल, पढ़ें पूरी खबर.

  1. इस लेख में स्पेलिंग्स की बहुत सारी त्रुटियां हैं जो कि कमजोर संपादन को दर्शाता है।

  2. मार्गदर्शन के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद अभी शुरुआत है धीरे-धीरे इन त्रुटियों में कमी लाने की भरसक कोशिश करेंगे

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