Ransi Stadium

उत्तराखंड का रांसी स्टेडियम बना खिलाड़ियों की सफलता का केंद्र

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पौड़ी गढ़वाल: उत्तराखंड के खेल इतिहास में अपनी खास पहचान रखने वाला रांसी स्टेडियम अब युवाओं के सपनों की प्रयोगशाला बन चुका है। शहर से कुछ ही दूरी पर स्थित यह स्टेडियम न केवल राज्य बल्कि देश के एथलीट्स के लिए उच्चस्तरीय प्रशिक्षण केंद्र के रूप में उभर रहा है। इसकी स्वच्छ जलवायु, ऊंचाई और पहाड़ी भू-आकृति खिलाड़ियों को सहनशक्ति बढ़ाने और उच्च स्तर की प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए आदर्श माहौल देती है।

हाल ही में आयोजित आदि कैलाश अल्ट्रा रन मैराथन में चमोली के दिगंबर सिंह और पौड़ी की मीनाक्षी नेगी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुष और महिला वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त किया। दिगंबर ने 60 किलोमीटर की दौड़ पूरी कर पुरस्कार राशि 2 लाख 25 हजार रुपये हासिल की…जबकि मीनाक्षी नेगी ने महिला वर्ग में अपनी क्षमता का लोहा मनवाया।

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दोनों ही खिलाड़ी पिछले डेढ़ साल से रांसी स्टेडियम में नियमित प्रशिक्षण ले रहे हैं। कोच रुपेश यादव के मार्गदर्शन में उनका खानपान, फिटनेस और तकनीकी अभ्यास सुनिश्चित किया जाता है। दिगंबर ने कहा कि स्टेडियम की ऊंचाई और ठंडा वातावरण उनकी सहनशक्ति और मानसिक मजबूती को बढ़ाता है…जबकि मीनाक्षी नेगी ने बताया कि यह सफलता उनके मनोबल को और ऊंचा करने वाली है।

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रांसी स्टेडियम अब केवल खेल का मैदान नहीं रहा…बल्कि यह प्रदेश के युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चमकने के लिए तैयार करने वाला केंद्र बन चुका है। खेल और अनुशासन की इस मिश्रित प्रेरणा से प्रशिक्षित ये खिलाड़ी आने वाले वर्षों में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतकर उत्तराखंड का नाम रोशन करने की तैयारी कर रहे हैं।

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उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में समुद्रतल से 14 हजार फीट ऊंचाई पर आयोजित इस मैराथन में देश के 22 राज्यों के धावकों ने हिस्सा लिया…लेकिन प्रदेश के प्रशिक्षित खिलाड़ी अपने अनुभव और मेहनत के दम पर विजयी साबित हुए। कोच रुपेश यादव ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान हर तकनीकी और शारीरिक पहलू पर ध्यान दिया जाता है…जिससे खिलाड़ी भविष्य की बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए पूरी तरह तैयार हों।

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