शिक्षकों ने समर्पण से निखारी प्रतिभाएं, पहुंचाया बच्चों को नई ऊंचाइयों तक।
अवकाश में भी नहीं थमती कोशिश: समर्पित शिक्षक अपने संसाधनों से बना रहे बच्चों का भविष्य।
लोहाघाट। शिक्षा जगत में ऐसे शिक्षक आज भी मिसाल बने हुए हैं, जो अवकाश दिवसों में भी विश्राम नहीं करते, बल्कि छात्रों को राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने के लिए अपनी सेवाएँ, समय और संसाधन समर्पित कर देते हैं। चंपावत जिले के शिक्षक पारितोष जयवंत सिंह और प्रकाश चन्द्र उपाध्याय ऐसे समर्पित शिक्षक हैं, जिन्होंने विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताओं में अपने विद्यार्थियों को ऊँचे मुकाम तक पहुँचाने का उल्लेखनीय कार्य किया है। इन शिक्षकों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वे विद्यालय समय के अतिरिक्त, छुट्टियों और अवकाश के दिनों में भी निःस्वार्थ भाव से बच्चों की तैयारी करवाते हैं। इसके साथ ही बच्चों की तैयारी हेतु अपने संसाधनों से वेशभूषा, आभूषण तथा अन्य सामग्री बच्चों को उपलब्ध कराते हैं, ताकि बच्चे किसी भी प्रकार से संसाधनों की कमी न महसूस करें।
बच्चों तथा इन शिक्षकों की इस निरंतर मेहनत का परिणाम यह है कि इनके अनेक विद्यार्थी प्रतिवर्ष जनपद, राज्य तथा राष्ट्रीय स्तरीय एवं प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं और अपना स्थान बना रहे हैं। अभिभावकों ने भी इन शिक्षकों की प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों की सफलता के पीछे इनका परिश्रम और सकारात्मक मार्गदर्शन सबसे बड़ा आधार है।
राइका पुलहिंडोला में अंग्रेजी विषय में कार्यरत शिक्षक पारितोष जयवंत सिंह एक ऐसे शिक्षक हैं, जो अंग्रेजी भाषा के शिक्षक होने तथा कॉन्वेंट एजुकेटेड होने के बावजूद भी लगातार पिछले वर्षों से अपने कुशल मार्गदर्शन में बच्चों को राज्य स्तर तक संस्कृत प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करा रहे हैं। इस वर्ष भी खंड स्तरीय संस्कृत प्रतियोगिता में उनके बच्चों ने जूनियर और सीनियर दोनों वर्गों की लोक नृत्य प्रतियोगिता में विकासखंड में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। पिछले वर्ष भी उनके मार्गदर्शन में बच्चों ने विकासखंड तथा जनपद में लोक नृत्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया तथा राज्य में चंपावत जनपद का प्रतिनिधित्व किया। इसी प्रकार शैलेश मटियानी राज्य उत्कृष्ट शिक्षक पुरस्कार प्राप्त तथा तीनों भाषाओं सहित सात विषयों में परास्नातक, राउमावि खूनाबोरा में कार्यरत शिक्षक प्रकाश चन्द्र उपाध्याय के बच्चों का चयन प्रतिवर्ष की भांति राष्ट्रीय जनसंख्या शिक्षा कार्यक्रम में राज्य हेतु हुआ है। पिछले कई वर्षों से लगातार इनके मार्गदर्शन में छात्र-छात्राएं एनपीईपी, कला उत्सव, बाल चौपाल, जी20, एक भारत श्रेष्ठ भारत आदि प्रतियोगिताओं में लगातार राज्य तथा राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाग कर चुके हैं। फोटो – शिक्षक पारितोष जयवंत सिंह एवं प्रकाश चन्द्र उपाध्याय।
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