हल्द्वानी :रावण अंगद संवाद ने सभी का दिल जीत लिया। उमड़ी भारी भीड़

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रावण अंगद संवाद ने सभी का दिल जीत लिया। उमड़ी भारी भीड़।

आज मंगलवार को एसआरआई संस्था द्वारा शीशमहल रामलीला मैदान में आयोजित महिला रामलीला के नवें दिन की लीला मंचन में रावण-अंगद संवाद (अंगद दूत लीला) के बाद रामायण के युद्धकांड की सबसे महत्वपूर्ण और भावुक लीलाएं मंचित की गयी।
अंगद के लंका से वापस लौटने के बाद युद्ध भीषण रूप ले लेता है।
यहाँ डायरेक्टर मुकेश कुमार जोशी के निर्देशन में लीलाओं का मंचन किया गया:

  1. अंगद द्वारा पैर जमाना और रावण का अपमान (संवाद का समापन):

अंगद रावण की सभा में अपना पैर जमा देते हैं और चुनौती देते हैं कि रावण का कोई भी योद्धा या स्वयं रावण उसे हिला नहीं सकता। रावण के सभी मंत्री और अंत में रावण स्वयं पैर उठाने का प्रयास करता है, लेकिन असफल रहता है, जिससे रावण का अहंकार चूर-चूर हो जाता है।
अंगद रावण को अंतिम चेतावनी देकर राम के शिविर में वापस लौट आते हैं।

  1. लक्ष्मण शक्ति और मूर्छा (मुख्य प्रसंग):
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मेघनाद (इंद्रजीत) अपनी मायावी शक्तियों का उपयोग करता है और लक्ष्मण पर ‘शक्ति’ अस्त्र का प्रयोग करता है, जिससे लक्ष्मण मूर्छित हो जाते हैं।
यह लीला बहुत भावुक होती है, जिसमें राम विलाप करते हैं और वानर सेना में शोक छा जाता है।

  1. हनुमान द्वारा संजीवनी बूटी लाना:

लक्ष्मण के प्राण बचाने के लिए हनुमान जी को द्रोणागिरी पर्वत से संजीवनी बूटी लाने के लिए भेजा जाता है।
हनुमान जी पर्वत ही उठा लाते हैं और वैद्य सुषेण की सहायता से लक्ष्मण के प्राणों की रक्षा की जाती है।

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इस अवसर पर मुख्य अतिथि भवाली व्यापार मंडल के अध्यक्ष व प्रमुख समाजसेवी नरेश पांडे, प्रवीण रौतैला, कपिल व्यास जी आज के अतिथि —-

श्री सरोजआनंद जोशी (सीनियर चार्टर्ड अकॉउंटेंट, वरिष्ठ रंगकर्मी )
श्रीमती निशा जोशी(पत्नी )
श्री विनय जोशी पंडित जी (रंगकर्मी )ने दीप प्रज्ज्वलन कर लीला मंचन का विधिवत उद्धघाटन करते हुए कहा कि महिला उत्थान के लिए महिलाओं की रामलीला में भागीदारी महिला सशक्तिकरण का साक्षात उदाहरण है। आयोजन का उद्देश्य धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखना तथा नई पीढ़ी को रामायण के आदर्शों से जोड़ना प्रेरणादायी है।
मंच संचालन-रिम्पी बिष्ट ने किया।
यहां राम की भूमिका में मानसी रावत, लक्ष्मण-अंशिका जीना, हनुमान- तनुजा जोशी, रावण-दीपा कोश्यारी, सुग्रीव-नीलम लोहनी, जामवंत-भावना पोखरिया थी।

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इस दौरान सीनियर चार्टर्ड अकॉन्टेड सरोज आनंद जोशी, निशा जोशी, विनय जोशी, पुरुष रामलीला कमेटी के प्रबंधक गिरीश चन्द्र तिवारी, मनोज कुमार तिवारी, दिनेश फुलारा, पुष्पा संभल, संगीत निर्देशक मोहन चन्द्र जोशी, तबलावादक कुश पांडे, महामंत्री कौशलेंद्र भट्ट, कामिनी पाल, इशिका शर्मा, योगिता बनोला, योगेन्द्र साहू, राधा मिश्रा, विमला ढंगवाल, सुरेंद्र रौतेला, योगेश भोज, हर्षवर्धन जोशी, मनोज गुणवंत, विकास राठौर, अजय कुमार, केशव दत्त गौरव जोशी, वरिष्ठ अधिवक्ता मकरंद प्रताप सिंह, केशव दत्त तिवारी, एनडी तिवारी, मोहन चन्द्र बलुटिया, मोहन अधिकारी, नारायण दत्त सनवाल सहित सैकड़ो लोग उपस्तिथ थे।

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