हल्दूचौड़– भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की चंद्रयान- 3 के सफल लैंडिंग से हर कोई उत्साहित है। देशभर के तमाम जुनूनी विज्ञानियों ने अपनी कड़ी मेहनत से इस मिशन को सफलता से अंजाम तक पहुंचाया। इस मिशन के शुरुआत दौर यानी लॉचिंग के समय में हल्दूचौड़ के जितेश धारियाल भी शामिल रहे। इस उपलब्धि से उनके स्वजन भी अति प्रफुल्लित हैं।
आंध्र प्रदेश के श्री हरिकोटा से 14 जुलाई, 2023 को चंद्रयान- 3 की लांचिंग की गई थी। इस समये जितेश भी मिशन के प्रमुख हिस्सा रहे। जितेश ने नौ जून, 2022 की इसरो ज्वाइन किया था। मैकेनिकल विज्ञानी पद पर हैं। उनका परिवार लालकुआं के हल्दूचौड़ क्षेत्र के दुर्गापालपुर मोतीराम क्षेत्र में रहता है। पिता कैलाश चंद्र धारियाल सेंचुरी पेपर मिल से सेवानिवृत हैं। माँ गृहणी है। उन्होंने इंटरमीडिएट की परीक्षा आर्यमान विक्रम बिड़ला इंस्टीट्यूट आफ लर्निंग से 93.8 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण की है। एनआइसी कुरुक्षेत्र से बीटेक किया।
उनके पिता कैलाश ने बताया कि बेटा बचपन से ही मेहनत पर विश्वास करता है। कोई भी काम को जुनून से करता रहा है। मुझे गर्व की अनुभूति हो रही है कि बेटा इसरो में विज्ञानी है और इस मिशन का हिस्सा रहा है।

अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -
👉 व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें
👉 यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें
हमारे इस नंबर 7017926515 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें



छात्रों के लिए अच्छी खबर: उत्तराखंड के कॉलेजों में बनेंगे जिम
उत्तराखंड में वोटरों के लिए बड़ी खबर! SIR का नोटिस आया तो बिल्कुल न करें नजरअंदाज
संकट की घड़ी में श्रमिकों के साथ खड़े दिखे CM धामी, खराब मौसम के बीच पहुंचे घटनास्थल
चमोली टनल हादसा: CM धामी ने लिया ग्राउंड अपडेट, रेस्क्यू टीमों को दिए सख्त निर्देश
देहरादून :(बड़ी खबर) ये 14 अधिकारी होंगे सम्मानित
उत्तराखंड : यहां 14 साल की किशोरी हुई गर्भवती, ऐसे खुला मामला
देहरादून :(बड़ी खबर) 208 पुलिस कर्मी बने ASI, प्रमोशन के साथ यहां हुआ तबादला, लिस्ट जारी
चमोली सुरंग हादसा: नौ श्रमिकों की मौत…छह अब भी लापता, पानी और दलदल ने रोका रेस्क्यू
पीपलकोटी टनल हादसे पर सीएम धामी ने संभाली कमान, 16 मजदूरों का रेस्क्यू; बाकी को निकालने के लिए अभियान जारी 