देहरादून – प्रधानाचार्य और हेडमास्टर का प्रभार छोड़ने की वजह से शिक्षा विभाग के अधिकारियों और शिक्षकों के बीच गतिरोध बढ़ गया। शिक्षा निदेशक सीमा जौनसारी के आदेश के बाद सीईओ ने प्रभार छोड़ने वाले शिक्षकों को चिह्नित करना शुरू कर दिया। उनके खिलाफ कर्मचारी आचरण नियमावली के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
जौनसारी के अनुसार हर सरकारी कर्मचारी-शिक्षक के लिए उसे दिए गए दायित्व का पालन करना अनिवार्य है। इसका उल्लंघन नहीं किया जा सकता। इधर राजकीय शिक्षक संघ अध्यक्ष राम सिंह चौहान ने केंद्र सरकार का जीओ जारी करते हुए कहा कि अतिरिक्त प्रभार संभालने वाले कार्मिकों को प्रतिमाह मूल वेतन के दो प्रतिशत अतिरिक्त आर्थिक लाभ देने का प्रावधान है। पर, राज्य में केवल जिम्मेदारियां ही थोपी जा रही है। कोई अतिरिक्त लाभ नहीं दिया जा रहा।
शिक्षकों की मांगों पर लगातार कार्यवाही की जा रही है। जल्द ही शिक्षक पदाधिकारियों के साथ वार्ता कर सभी विषयों पर चर्चा की जाएगी। विभाग और शिक्षक दोनों का ध्येय शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाना है। यही सबकी की प्राथमिकता होनी चाहिए। -बंशीधर तिवारी, डीजी-शिक्षा

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