देहरादून – प्रधानाचार्य और हेडमास्टर का प्रभार छोड़ने की वजह से शिक्षा विभाग के अधिकारियों और शिक्षकों के बीच गतिरोध बढ़ गया। शिक्षा निदेशक सीमा जौनसारी के आदेश के बाद सीईओ ने प्रभार छोड़ने वाले शिक्षकों को चिह्नित करना शुरू कर दिया। उनके खिलाफ कर्मचारी आचरण नियमावली के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
जौनसारी के अनुसार हर सरकारी कर्मचारी-शिक्षक के लिए उसे दिए गए दायित्व का पालन करना अनिवार्य है। इसका उल्लंघन नहीं किया जा सकता। इधर राजकीय शिक्षक संघ अध्यक्ष राम सिंह चौहान ने केंद्र सरकार का जीओ जारी करते हुए कहा कि अतिरिक्त प्रभार संभालने वाले कार्मिकों को प्रतिमाह मूल वेतन के दो प्रतिशत अतिरिक्त आर्थिक लाभ देने का प्रावधान है। पर, राज्य में केवल जिम्मेदारियां ही थोपी जा रही है। कोई अतिरिक्त लाभ नहीं दिया जा रहा।

शिक्षकों की मांगों पर लगातार कार्यवाही की जा रही है। जल्द ही शिक्षक पदाधिकारियों के साथ वार्ता कर सभी विषयों पर चर्चा की जाएगी। विभाग और शिक्षक दोनों का ध्येय शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाना है। यही सबकी की प्राथमिकता होनी चाहिए। -बंशीधर तिवारी, डीजी-शिक्षा
अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -
👉 व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें
👉 यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें
हमारे इस नंबर 7017926515 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें



हल्द्वानी :(बड़ी खबर) रामलीला मैदान शुद्धिकरण मामले में नया मोड़, राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज
उत्तराखंड: रुद्रनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खबर, इस तारीख को बंद हो जाएंगे कपाट
Snapchat पर हुई दोस्ती, उत्तराखंड में यहाँ पहुंचा मामला थाने तक; 16 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म
नेपाल के बाद उत्तराखंड की बारी? ग्लेशियर झीलों को लेकर वैज्ञानिकों ने बताई सबसे बड़ी चिंता
उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट, इन जिलों में स्कूल-आंगनबाड़ी बंद; 4 सितंबर तक मौसम रहेगा खराब
CM धामी का महिलाओं को बड़ा तोहफा, फ्री बस यात्रा के साथ ढाई लाख तक रियायती ऋण की तैयारी
उत्तराखंड: गिर्दा के गीतों से लेकर ग्रामीणों की आवाज तक, बिंदुखत्ता में राजस्व ग्राम आंदोलन ने पकड़ी रफ्तार
हल्द्वानी : भारी बारिश के चलते नैनीताल जिले में कल छुट्टी 


