उत्तराखंड-(शाबाश बेटी) ऑपरेशन मुक्ति ने बदल दी “अक्श” की जिंदगी, बन गयी टॉपर

KhabarPahad-App
खबर शेयर करें -
  • देखिए कैसे ऑपरेशन मुक्ति ने बदली इस बेटी की जिंदगी

देहरादून- बाल भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए Ashok Kumar IPS, DGP के निर्देशन में उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा वर्ष 2017 से ऑपरेशन मुक्ति “भिक्षा नहीं शिक्षा दें” अभियान चालाया जा रहा है।

ऑपरेशन मुक्ति की सफलता में चार चांद लगा दिए हैं बेटी अक्श ने। वर्ष 2022 में अक्श का श्रीनगर स्थित Saint Terresa’s convent school में कक्षा 05 में दाखिला कराया गया था। बेटी अक्श ने 700 अंक में से 665.5 अंक 88.73 प्रतिशतप्राप्त करते हुए अपनी क्लास में दूसरा स्थान प्राप्त किया है।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड: एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय ने बढ़ाई प्रवेश पंजीकरण की अंतिम तिथि

वर्ष 2022 में इरशाद हुसैन द्वारा ऑपरेशन मुक्ति टीम को सूचित किया गया था कि बालिका अक्श पढ़ने में बहुत होशियार है और इसकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है। आप इसका स्कूल में एडमिशन करा दो। इसकी पढ़ाई छूट गई है। बालिका को कॉन्वेंट स्कूल में दाखिले के लिए स्कूल मैनेजमैंट से अपील की गई, तो अक्श के पढ़ने की इच्छा और पुलिस के अनुरोध को स्वीकार करते हुए स्कूल मैनेजमैंट ने अक्श का कक्षा 05 से लेकर कक्षा 12 तक स्कूल के खर्च पर स्कूल में दाखिला कर लिया।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड के मतदाता ध्यान दें! निर्वाचन आयोग ने दिया बड़ा अपडेट
यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड में 13 महिलाओं और 35 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का होगा सम्मान, सरकार ने घोषित किए नाम

बेटी अक्श से पौड़ी गढ़वाल पुलिस समय-समय पर स्कूल संबंधी मदद के लिए संपर्क करती रही। आज अक्श ने अपनी कड़ी मेहनत व स्कूल टीचरों के सहयोग से अपने स्कूल के साथ-साथ ऑपरेशन मुक्ति का नाम रोशन कर दिया है। बेटी अक्श से ऑपरेशन मुक्ति टीम ने फोन पर बातचीत की, तो अक्श ने धन्यवाद ऑपरेशन मुक्ति मुस्कुराते हुए कहा।

ADVERTISEMENTSAd Ad
अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -

👉 व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें

👉 फेसबुक पेज़ को लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें

हमारे इस नंबर 7017926515 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें