पक्के घर का सपना हुआ पूरा, उत्तराखंड में 2022 से अब तक 39,815 परिवारों को मिला PM आवास

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देहरादून। उत्तराखंड के ग्रामीण इलाकों में जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर देने की योजना तेजी से आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत वर्ष 2022 से अब तक प्रदेश के 39,815 परिवारों को पक्के मकान मिल चुके हैं। योजना के जरिए ऐसे परिवारों को राहत दी जा रही है…जो अब तक कच्चे या जर्जर मकानों में रहने को मजबूर थे।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक ऊधमसिंह नगर जिले में सबसे ज्यादा 4,882 आवास बनाए गए हैं। इसके बाद हरिद्वार में 4,493 और रुद्रप्रयाग में 4,032 परिवारों को पक्का घर मिला है।

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराने पर लगातार जोर दे रहे हैं। मुख्यमंत्री की ओर से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ज्यादा से ज्यादा आवासों की मंजूरी के लिए केंद्र सरकार के स्तर पर पैरवी की जाती रही है। सरकार का कहना है कि इसी प्रयास का असर अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी दिखाई दे रहा है।

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क्या है प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण?

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की शुरुआत वर्ष 2016 में हुई थी। इसका उद्देश्य बेघर परिवारों के साथ-साथ कच्चे और जर्जर मकानों में रहने वाले लोगों को बुनियादी सुविधाओं से युक्त पक्का घर उपलब्ध कराना है। योजना के तहत पात्र लाभार्थी को एक आवास के लिए 1 लाख 30 हजार रुपये की सहायता डीबीटी के जरिए सीधे बैंक खाते में दी जाती है।

इन जिलों में बने इतने आवास

चमोली में 3,900, पिथौरागढ़ में 3,386, पौड़ी में 3,195 और उत्तरकाशी में 3,057 आवास बनाए गए हैं। वहीं देहरादून में 2,839, चंपावत में 2,789, बागेश्वर में 2,279 और टिहरी में 2,134 परिवारों को योजना का लाभ मिला है।

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नैनीताल जिले में 1,480 और अल्मोड़ा में 1,349 आवास बनाए गए हैं। इसके अलावा ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार और रुद्रप्रयाग में भी बड़ी संख्या में परिवारों को पक्के मकान का लाभ मिला है।

रसोई के सामान के लिए बढ़ी सहायता

योजना के लाभार्थियों को घर के साथ दूसरी सुविधाओं का भी लाभ दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद वर्ष 2022-23 से रसोई के बर्तन और अन्य जरूरी सामान खरीदने के लिए दी जाने वाली अतिरिक्त सहायता को 5 हजार रुपये से बढ़ाकर 6 हजार रुपये कर दिया गया है।

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शौचालय के लिए 12 हजार रुपये की मदद

स्वच्छ भारत मिशन के तहत पात्र लाभार्थियों को शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता दी जा रही है। इसके अलावा आवास निर्माण से जुड़ी 95 दिन की मजदूरी का लाभ भी दिया जाता है। योजना के तहत पात्र परिवारों को पेयजल, उज्ज्वला गैस कनेक्शन और बिजली कनेक्शन जैसी सुविधाओं से जोड़ने का भी प्रावधान है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के हर पात्र और जरूरतमंद परिवार को पक्की छत उपलब्ध कराना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के जरिए बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवारों के अपने घर का सपना पूरा हो रहा है।

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