दिल्ली महारैली में जुटेंगे उत्तराखंड के कांग्रेसजन, आगे की रणनीति भी तैयार

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हल्द्वानी: उत्तराखंड कांग्रेस ने आगामी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के साथ मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर भी सक्रियता बढ़ा दी है। वोट बचाओ–देश बचाओ अभियान के नवनियुक्त पर्यवेक्षक दीपक राठौड़ ने रविवार को हल्द्वानी में प्रेसवार्ता कर कहा कि 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली महारैली में उत्तराखंड से बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल होंगे। रैली के बाद प्रदेश में अभियान को और तेज किया जाएगा।

निजी होटल में आयोजित प्रेसवार्ता में दीपक राठौड़ ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने के लिए प्रत्येक पात्र नागरिक का मताधिकार सुरक्षित रहना जरूरी है। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान जिन पात्र लोगों के नाम कटने की शिकायतें सामने आएंगी उनकी मदद के लिए कांग्रेस के वोट रक्षक पोर्टल का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए बूथ लेवल एजेंट (BLA) को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि विधानसभा स्तर पर चौपालों के जरिए संगठन को मजबूत किया जाएगा और मिशन 2027 की तैयारियों को गति दी जाएगी।

हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश ने कहा कि मतदाता सूची को सही और पारदर्शी बनाना जरूरी है….लेकिन इस प्रक्रिया में किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से नहीं हटना चाहिए। उन्होंने उत्तराखंड में करीब 10 लाख मतदाताओं के नाम हटाए जाने के विषय की तथ्यों के आधार पर समीक्षा कराने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि कोई भी पात्र नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न रहे।

विधायक ने लोकतंत्र और मताधिकार के मुद्दे को उठाने के लिए राहुल गांधी की सराहना भी की।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के एक बयान पर अपनी व्यक्तिगत राय रखते हुए सुमित हृदयेश ने कहा कि उत्तराखंड के लोग देश के अलग-अलग हिस्सों में रहकर मेहनत और प्रतिभा से योगदान दे रहे हैं। किसी भारतीय नागरिक को दूसरे प्रदेश में रहने या रोजगार करने के आधार पर घुसपैठिया कहना उचित नहीं है। उन्होंने अखिलेश यादव से बयान का संदर्भ स्पष्ट करने को कहा। विधायक ने यह भी स्पष्ट किया कि इस विषय पर उनके विचार व्यक्तिगत हैं इन्हें कांग्रेस की आधिकारिक राय न माना जाए।

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EVM की विश्वसनीयता के सवाल पर सुमित हृदयेश ने कहा कि इस विषय पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय तकनीकी और वैज्ञानिक आधार पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने प्रतिष्ठित IIT संस्थानों के विशेषज्ञों और स्वतंत्र तकनीकी विशेषज्ञों से EVM की जांच कराने का सुझाव दिया….ताकि तथ्यों के आधार पर स्थिति स्पष्ट हो सके।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संविधान सर्वोपरि हैं और चुनाव में जनता के फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए।

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कांग्रेस जिलाध्यक्ष राहुल छिमवाल और महानगर अध्यक्ष एडवोकेट गोविंद सिंह बिष्ट ने कहा कि पार्टी मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए अभियान को जिले से लेकर बूथ स्तर तक चलाएगी। SIR के दौरान नाम कटने से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा और पात्र मतदाताओं को जरूरी सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास होंगे।

प्रेसवार्ता के बाद दीपक राठौड़ ने विधानसभा प्रभारियों और BLA-1 के साथ बैठक की। इसमें वोट रक्षक पोर्टल के उपयोग, BLA के प्रशिक्षण, मतदाता सूची से जुड़ी समस्याओं और विधानसभा स्तर पर चौपाल आयोजित करने जैसे विषयों पर चर्चा हुई। बैठक में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत कर मिशन 2027 की तैयारियों में तेजी लाने पर जोर दिया गया।

इस दौरान विधायक सुमित हृदयेश, जिलाध्यक्ष राहुल छिमवाल, महानगर अध्यक्ष गोविंद सिंह बिष्ट समेत कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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