बकरी पालन कैसे कर सकते हैं

उत्तराखंड- बकरी पालन (Goat Farming) से ऐसे शुरू करें अपना स्वरोजगार, कैसे मिलेगा लोन? क्या करना होगा जानिए

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पर्वतीय राज्य उत्तराखंड में स्वावलंबी बनने के लिए स्वरोजगार एक बेहतर माध्यम बनता जा रहा है आज युवा वर्ग सबसे ज्यादा स्वरोजगार के माध्यम से खुद को आत्मनिर्भर बनाने में जुटा है इसी श्रेणी में आज हम आपके लिए लाए हैं कि जो युवा या पर्वतीय क्षेत्र के लोग इसके अलावा मैदानी क्षेत्र के लोग बकरी पालन से अपना स्वरोजगार कैसे कर सकते हैं और सरकार ने किस तरह की योजना का लाभ बकरी पालन जैसे स्वरोजगार के लिए दिया है। इसके अलावा कैसे आप अपना यह स्वरोजगार शुरू कर सकते हैं इस खबर में आपको सारी जानकारी मिलेगी।

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बकरी पालन यानी गोट फार्मिंग( goat farming) इस समय स्वरोजगार के साथ-साथ व्यवसाय का एक बेहतर विकल्प बनता जा रहा है किसानों के लिए बकरी को कैश क्रॉप भी कहा जाता है और उत्तराखंड में पहाड़ हो या मैदान या फिर शहर से जुड़े हुए इलाके यहां भी बकरी पालन कर काफी अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं क्योंकि सरकार भी बकरी पालन कर स्वरोजगार करने के लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत आपको ऋण उपलब्ध करा रही है।

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आप ₹2 लाख से लेकर ₹25 लाख तक ऋण लेकर छोटे स्तर से लेकर बड़े स्तर तक गोट फार्मिंग का काम शुरू कर सकते हैं, उत्तराखंड सरकार मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत सब्सिडी देते हुए ऋण उपलब्ध करा रही है बकरी पालन के लिए यदि आपको रियान चाहिए तो आप अपने जिले के जिला उद्योग केंद्र में संपर्क कर सकते हैं या मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना मैं ऑनलाइन जाकर आवेदन कर सकते हैं यह है मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना की https://msy.uk.gov.in/ इस वेबसाइट पर आपको पूरी कंप्लीट जानकारी ऋण संबंधित मिलेगी.

आप एक छोटा सा गोट फार्म बनाकर शुरुआत में कम बकरियों से भी इस सो रोजगार की शुरुआत कर सकते हैं क्योंकि बकरियां तेजी से बढ़ती हैं और इनकी संख्या में भी इजाफा होता है लिहाजा आपकी मेहनत आपको जल्द परिणाम के स्वरूप बेहतर मुनाफा देगी।

बकरी पालन कैसे कर सकते हैं

पात्रता

  1. आवेदक की आयु आवेदन के समय कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए।
  2. शैक्षिक योग्यता की बाध्यता नहीं है।
  3. योजनान्तर्गत उद्योग सेवा एवं व्यवसाय क्षेत्र में वित्त पोषण सुविधा उपलब्ध होगी।
  4. आवेदक या इकाई किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक/वित्तीय संस्था / सहकारी बैंक या संस्था इत्यादि का चूककर्ता (defaulter) नहीं होना चाहिए।
  5. आवेदक द्वारा विगत 5 वर्ष के भीतर भारत सरकार अथवा राज्य सरकार द्वारा संचालित किसी अन्य स्वरोजगार योजना का पूर्व में लाभ प्राप्त नहीं किया गया हो, किन्तु यदि किसी आवेदक द्वारा 5 वर्ष पूर्व भारत सरकार या राज्य सरकार की किसी अन्य स्वरोजगार योजना में लाभ प्राप्त किया गया और वह चूककर्ता (defaulter) नहीं है, तो वह अपने उद्यम के विस्तार के लिए योजनान्तर्गत वित्त पोषण प्राप्त कर सकता है।
  6. आवेदक अथवा उसके परिवार के किसी एक सदस्य को योजनान्तर्गत केवल एक बार ही लाभान्वित किया जायेगा।
  7. आवेदक द्वारा पात्रता की शर्तों को पूर्ण किये जाने के सम्बन्ध में शपथ पत्र प्रस्तुत किया जाना होगा।
  8. विशेष श्रेणी (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, भूतपूर्व सैनिक, महिला एवं दिव्यांगजन) के लाभार्थियों के लाभ हेतु सक्षम प्राधिकारी विशेष श्रेणी द्वारा निर्गत प्रमाण पत्रों की प्रमाणित प्रति आवेदन पत्र के साथ संलग्न करना अनिवार्य होगा।
  9. लाभार्थियों का चयन अधिक आवेदन प्राप्त होने पर प्रोजेक्ट व्यवहार्यता देखते हुए “पहले आयें पहले पायें” (First Come First Serve) के आधार पर किया जायेगा।
  10. उत्तराखंड मुख्मंत्री स्वरोजगार योजना के लिए आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज

(i) मूल निवासी प्रमाण पत्र

(ii) पासपोर्ट साइज फोटो

(iii) विस्तृत परियोजना रिपोर्ट

(iv) आधार कार्ड कॉपी

(v) शपथ पत्र (निर्धारित प्रारूप के अनुसार)

(vi) शिक्षा का प्रमाण पत्र

(vii) बैंक डिटेल कॉपी

(viii) जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)

(iX) दिव्यांग प्रमाणपत्र (यदि लागू हो)

(X) राशन कार्ड कॉपी

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