हल्द्वानी- हल्द्वानी पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि अल्मोड़ा के गरुडाबाज में मुंशी हरिप्रसाद के नाम से बन रहे शिल्प उन्नयन संस्थान का काम राज्य सरकार द्वारा बंद किए जाने को लेकर वह कल कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ उपवास करेंगे। साथ ही उन्होंने UKSSC पेपर लीक मामले में भाजपा सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा की हाकम सिंह संस्कृति उत्तराखंड में भाजपा की पहचान बन चुकी है भाजपा का ऐसा कोई बड़ा नेता नहीं है जिसकी फोटो हाकम सिंह के साथ नहीं हो, हरीश रावत ने कहा कि जनता को ऐसा लग रहा है कि उत्तराखंड की सरकार एसटीएफ को निष्पक्ष रूप से जांच नहीं करने देगी, लिहाजा या तो इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी जाए, या हाईकोर्ट के सिटिंग जज की एक बेंच एसआईटी का गठन करे जो इस मामले की जांच करें, और जब तक इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हो जाती या मामले से जुड़ा अंतिम व्यक्ति गिरफ्तार नहीं हो जाता तब तक इसी जांच को निष्पक्ष रूप से पूर्ण कराना मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कर्तव्य है।
उत्तराखंड में हो रही अग्नि वीरों की भर्ती पर भी हरीश रावत ने जमकर निशाना साधा, उन्होंने अग्नीपथ योजना को बर्बादी का पथ बताते हुए कहा की अग्निवीर योजना के नाम से प्राइवेट आर्मी के लिए रिक्रूट तैयार किए जा रहे हैं, हरीश रावत ने कहा कि आखिर अग्निवीर योजना हमारी सेना का विकल्प कैसे है? उन्होंने कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज को बधाई देते हुए कहा की उन्होंने अग्निवीर योजना की भर्ती पर सवाल उठाए हैं, लेकिन वह असली बधाई की पात्र तब होंगे जब खुद सतपाल महाराज कहेंगे कि अग्निवीर योजना बेकार है।
अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -
👉 व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें
👉 यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें
हमारे इस नंबर 7017926515 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें



पहली बार हुआ ऐसा! CM धामी ने 200 अग्निवीरों के साथ किया सीधा संवाद
उत्तराखंड में हर परिवार को मिलेगी “देवभूमि परिवार आईडी”, विधानसभा में पेश हुआ बड़ा विधेयक
उत्तराखंड:(बधाई) किसान का बेटा भारतीय सेना में बना अफसर
नैनीताल :(बड़ी खबर) जिले में DM के निर्देश गैस की कालाबाजारी पर मारे ताबड़तोड़ छापे
उत्तराखंड: पूर्व उपनल कर्मियों के लिए खुशखबरी, सरकार ने बजट में रखे करोड़ों
उत्तराखंड: जंगलों की आग पर काबू पाने की तैयारी, सरकार ने शुरू किया बड़ा अभियान
धामी सरकार के 4 साल: 819 पंचायत भवन बने, 7 हजार किमी सड़कें हुईं गड्ढामुक्त
देहरादून : IFS अधिकारियों की छुट्टियों पर सख्ती, अब लंबी छुट्टी के लिए शासन की मंजूरी अनिवार्य 

