हल्द्वानी की हेमा ने घर से शुरू किया मोमबत्तियों का कारोबार, आज खुद भी कमा रहीं और दूसरों को भी दे रहीं रोजगार

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हल्द्वानी: दीपावली पर घरों को रोशन करने वाली मोमबत्तियां अब कई लोगों के लिए रोजगार का जरिया भी बन रही हैं। हल्द्वानी के पॉलीशीट क्षेत्र की रहने वाली हेमा कोश्यारी कौशिक ने अपने हुनर को कारोबार में बदलकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। उनके ब्रांड Glow Nirvana Candles के तहत आकर्षक डिजाइन और खुशबू वाली हस्तनिर्मित मोमबत्तियां तैयार की जाती हैं। इस काम से वह हर महीने करीब 25 से 30 हजार रुपये की शुद्ध आय कमा रही हैं।

हेमा को फाइन आर्ट्स की जानकारी है। उन्होंने अपनी रचनात्मकता का इस्तेमाल मोमबत्तियों के नए और आकर्षक डिजाइन तैयार करने में किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वोकल फॉर लोकल और आत्मनिर्भर भारत के संदेश से प्रेरित होकर उन्होंने अपने ब्रांड की शुरुआत की। इस सफर में एमएसएमई विभाग के कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों और मार्गदर्शन से भी उन्हें मदद मिली।

हेमा अपने ब्रांड के तहत सोया वैक्स, मधुमक्खी के मोम और पर्ल वैक्स से अलग-अलग डिजाइन की मोमबत्तियां बनाती हैं। इनमें सुगंधित जार कैंडल्स, फ्लोटिंग कैंडल्स, दीया कैंडल्स, पिलर कैंडल्स और फूलों व मोतियों जैसे आकार वाली सजावटी मोमबत्तियां शामिल हैं।

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इन उत्पादों की बिक्री स्थानीय मेलों, एमएसएमई स्टॉल, बाजारों और सोशल मीडिया के जरिए की जाती है। फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म भी उनके कारोबार को ग्राहकों तक पहुंचाने में मदद कर रहे हैं।

हेमा की यह पहल सिर्फ उनकी अपनी कमाई तक सीमित नहीं है। वह अपने काम से तीन अन्य महिलाओं या स्थानीय लोगों को भी रोजगार दे रही हैं। इस तरह उन्होंने स्वरोजगार के साथ दूसरे लोगों के लिए भी काम के अवसर तैयार किए हैं।

नवरात्रि, दीपावली और क्रिसमस जैसे त्योहारों के दौरान सजावटी और सुगंधित मोमबत्तियों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे समय में हेमा के कारोबार को भी फायदा मिलता है। उनकी कोशिश है कि स्थानीय स्तर पर तैयार आकर्षक उत्पादों को ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाया जाए।

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स्थानीय हुनर को बाजार से जोड़ने की यह पहल दिखाती है कि सही प्रशिक्षण, रचनात्मक सोच और मेहनत के दम पर घर से भी अपना कारोबार खड़ा किया जा सकता है। हेमा कोश्यारी कौशिक का प्रयास महिला स्वरोजगार और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की दिशा में एक प्रेरक उदाहरण है।

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