उत्तरकाशी: उत्तरकाशी जिले के स्यूणा गांव में अब तक एक स्थायी पुल का निर्माण नहीं हो पाया है…जिससे ग्रामीणों को भागीरथी नदी पार करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। हर साल नदी का जलस्तर बढ़ने पर पैदल मार्ग डूब जाता है और प्रशासन की ओर से लगाई गई ट्रॉली भी सुरक्षित नहीं मानी जाती।
इस बार भी भागीरथी का जलस्तर कम होते ही स्यूणा गांव की महिलाएं जैसे अंजू देवी, अर्चना, रजनी, सुनीता, संगीता, वंदना और आरती ने श्रमदान कर वैकल्पिक पुलिया का निर्माण शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि जिला मुख्यालय से महज चार किलोमीटर दूर स्थित गांव के लिए पुल आज तक नहीं बन पाया।
गांव की महिलाएं कहती हैं कि सर्दियों में पैदल मार्ग ठीक रहता है…लेकिन उसकी दूरी अधिक होने के कारण हर साल वैकल्पिक पुल का निर्माण करना पड़ता है। ग्रामीणों ने कहा कि पहले भी उन्होंने पुल निर्माण की मांग को लेकर आंदोलन किए हैं…लेकिन प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इस बार भी गूंज संस्था उनका सहयोग कर रही है।
लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता स्वराज चौहान ने बताया कि स्यूणा गांव के लिए पुल स्वीकृत है…लेकिन उसका एलाइमेंट बीआरओ की ऑल वेदर रोड परियोजना के सर्वे के बीच में आने के कारण निर्माण लंबित पड़ा हुआ है।

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