- एसीएस श्रीमती राधा रतूड़ी ने सतर्कता विभाग को भ्रष्टाचार व अन्य महत्वपूर्ण केसो की जांच समयबद्धता से पूरा करने के निर्देश दिए
- भ्रष्टाचार की शिकायतों वालों विभागों की जानकारी कार्मिक विभाग तथा मुख्यमंत्री कार्यालय को नियमित रूप से दी जाएगी
- विभाग शिकायतों के स्थायी समाधान के लिए संस्थागत सुधार करें
- सतर्कता विभाग को भ्रष्टाचार व अन्य महत्वपूर्ण संवेदनशील केसो की जांच के लिए स्पेशलाइज्ड कमेटी गठन के निर्देश
- राज्य की विभिन्न जांच एजेन्सियों के मध्य सूचनाओं के आदान प्रदान एवं प्रभावी समन्वय हेतु गृह विभाग के अनुरक्षण में नियमित बैठकों के आयोजन
देहरादून- अपर मुख्य सचिव गृह श्रीमती राधा रतूड़ी ने सचिवालय में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक के दौरान सतर्कता विभाग को भ्रष्टाचार व अन्य महत्वपूर्ण केसो की जांच समयबद्धता से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। एसीएस ने टोल फ्री नम्बर 1064 पर प्राप्त भ्रष्टाचार से सम्बन्धित शिकायतों का विभागवार विश्लेषण करके अधिक शिकायतों वालों विभागों की जानकारी कार्मिक विभाग तथा मुख्यमंत्री कार्यालय को नियमित रूप से भेजने के निर्देश दिए हैं। कार्मिक विभाग ऐसे विभागों की कार्य संस्कृति सुधारने के लिए प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करेगा। एसीएस श्रीमती रतूड़ी ने सीएम हेल्पलाइन टोल फ्री नम्बर 1905 पर प्राप्त शिकायतों के निवारण हेतु आईटी के अधिकाधिक प्रयोग करने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि सभी विभाग जन शिकायतों के स्थायी समाधान के लिए संस्थागत सुधार का मार्ग अपनाये। अपर मुख्य सचिव ने सतर्कता विभाग को भ्रष्टाचार व अन्य महत्वपूर्ण संवेदनशील केसो की जांच के लिए स्पेशलाइज्ड कमेटी गठन के निर्देश दिए, इस कमेटी में मामले से सम्बन्धित सभी टेकनीकल विशेषज्ञ होंगे जो समयबद्धता से केसों की जांच सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने सतर्कता विभाग को उत्तराखण्ड सचिवालय में कार्मिकों के लिए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के सम्बन्ध में कार्यशाला आयोजित करने के भी निर्देश दिए हैं। एसीएस श्रीमती रतूड़ी ने राज्य की विभिन्न जांच एजेन्सियों के मध्य सूचनाओं के आदान प्रदान एवं प्रभावी समन्वय हेतु गृह विभाग के अनुरक्षण में नियमित बैठकों के आयोजन हेतु निर्देश दिए हैं।
बैठक में सतर्कता विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि राज्य गठन के बाद से अब तक राज्य में कुल 252 ट्रैप हुए हैं। राज्य गठन के बाद से वर्तमान तक कुल 59 केसों में सजा हो चुकी है। वर्ष 2023 में टोल फ्री नम्बर 1064 से देहरादून सेक्टर में 176 शिकायतें तथा हल्द्वानी सेक्टर में 118 शिकायते प्राप्त हुई हैं। जिनमें से देहरादून सेक्टर में 143 तथा हल्द्वानी सेक्टर में 82 शिकायतों को निक्षेपित कर लिया गया है। इस प्रकार राज्य में कुल 294 भ्रष्टाचार सम्बन्धित शिकायतों में से 225 को निक्षेपित कर लिया गया है। 57 शिकायतें लम्बित हैं। इस वर्ष अब तक कुल 12 ट्रैप सम्पादित किये गये हैं। सतर्कता अधिष्ठान में लम्बित प्रकरण के सन्दर्भ में देहरादून सेक्टर में कुल 09 तथा हल्द्वानी सेक्टर में 04 लम्बित अन्वेषण हैं। देहरादून सेक्टर में 11 तथा हल्द्वानी सेक्टर में 05 खुली जांच लम्बित है।
बैठक में सतर्कता विभाग के शासन स्तर पर लम्बित प्रकरणों पर भी चर्चा की गई, जिनमें सतर्कता विभाग के 2 करोड़ के रिवॉल्विंग फण्ड की स्वीकृति, सतर्कता अधिष्ठान के ढांचे के पुनर्गठन, सतर्कता सेक्टर हल्द्वानी के कार्यालय भवन हेतु भूमि आवंटन के विषय प्रमुख थे।
बैठक में निदेशक सतर्कता श्री वी मुरूगेशन, सचिव श्री एस एन पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक सतर्कता श्री धीरेन्द्र सिंह गुन्जयाल, महानिदेशक सूचना श्री बंशीधर तिवारी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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