लालकुआं : बिंदुखत्ता राजस्व गांव सहित आवारा जानवरों को लेकर विशाल प्रदर्शन

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  • भाजपा सरकार गरीबों को उजाड़ने वाली सरकार है, यह बिना संघर्ष के राजस्व गांव बनाने वाली नहीं है: इंद्रेश मैखुरी
  • बिंदुखत्ता राजस्व गांव पर धोखाधड़ी बंद करने, आवारा गोवंश की समस्या का स्थाई समाधान करने की मांग उठाई
  • किसान महासभा के नेतृत्व में बिंदुखत्ता की ग्रामीण जनता का विशाल प्रदर्शन

बिन्दुखत्ता वासियों को मालिकाना हक के साथ बिन्दुखत्ता को राजस्व गाँव बनाने की अधिसूचना जारी करने और आवारा गोवंश की समस्या का स्थाई समाधान के लिए गोवंश की सरकारी खरीद की गारंटी और आवारा गाय बैलों के कारण किसानों की फसल के नुकसान की भरपाई, दुर्घटना में मारे गए लोगों एवं घायलों को मुआवजा दिए जाने की मांग के लिए किसान महासभा ने शहीद स्मारक पर विशाल प्रदर्शन और जन सभा का आयोजन किया। यहां से बिंदुखत्ता राजस्व गांव पर धोखाधड़ी बंद करने, आवारा गोवंश की समस्या का स्थाई समाधान करने की मांग उठाई गई।

जनसभा को मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए भाकपा माले के उत्तराखण्ड राज्य सचिव इंद्रेश मैखुरी ने कहा कि, भाजपा सरकार गरीबों को उजाड़ने वाली सरकार है, इसलिए बिना जनता के संघर्ष के यह राजस्व गांव बनाने वाली नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी 15 अगस्त को लाल किले से 2047 तक सबके सर पर छत होने का वादा करते हैं और पूरे देश गरीब जनता के घरों को बुलडोजर का निशाना इसी सरकार की सरपरस्ती बनाया जा रहा है।जनता की एकता को विभाजित करने लिए भाजपा धार्मिक फूट का प्रयोग कर रही है। बिंदुखत्ता की जनता के लंबे जन संघर्ष के बाद दो दो मुख्यमंत्रियों द्वारा बिंदुखत्ता राजस्व गांव की घोषणा करने के बावजूद अभी तक राजस्व गांव की अधिसूचना जारी नहीं की जा रही है। ऐसा लगता है कि राज्य सरकार और लालकुआं विधायक जनता को इसी भ्रम में डालकर अपने पांच साल का कार्यकाल बिता देना चाहते हैं। बिंदुखत्ता की जनता ने बसासत से लेकर हर विकास कार्य पहले भी अपने संघर्ष के बल पर ही हासिल किया है राजस्व गांव भी जनसंघर्ष के बलबूते ही हासिल होगा। यह सरकार जनता की एकता से ही डरती है इसलिए एकताबद्ध संघर्ष के बूते ही भाजपा सरकार को राजस्व गांव के लिए मजबूर किया जा सकता है।

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किसान महासभा के प्रदेश अध्यक्ष आनन्द सिंह नेगी ने कहा कि, राज्य की भाजपा सरकार के किसान विरोधी और पशुपालक विरोधी, कारपोरेट परस्त नीतियों के चलते किसानों को उनके खेती किसानी से उजाड़ने के साथ पुश्तैनी आजीविका का साधन गोवंश आज कूड़ा बन चुका है। आज पशुपालकों के लिए गोवंश आर्थिक नुकसान के साथ बोझ, किसानों की किसानी और फसलों की बर्बादी का कारण तथा रास्तों – सड़कों में दुर्घटनाओं का कारण बन गया है। सरकार जनित इस समस्या के समाधान के लिए सरकार कतई गंभीर नहीं है। किसान महासभा ने 18 सितम्बर 2024 को “सरकारी आवारा गोवंश सरकार के हवाले करो” के तहत आवारा गोवंश को तहसील में जमा करते हुए क्षेत्र से आवारा गोवंश को तुरन्त अन्यत्र व्यवस्था करने के लिए विशाल आंदोलन किया लेकिन अभी भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। यह स्थिति सरकार बदले या बड़े आंदोलन के लिए तैयार रहे।

प्रदर्शन के बाद उप जिलाधिकारी लालकुआं के माध्यम से आठ सूत्रीय मांग पत्र भेजा गया, ज्ञापन को शहीद स्मारक पर आकर एसडीएम के प्रतिनिधि ने प्राप्त किया।

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मांगें :-

  1. बिन्दुखत्ता को राजस्व गाँव बनाने के लिए दो – दो मुख्यमंत्रियों द्वारा दो – दो बार घोषणा करने के बाद इस प्रक्रिया को लटकाया जाना जनविरोधी कदम है, अतः अतिशीघ्र विधायिका से विधिवत् कार्यवाही कर राजस्व गाँव की अधिसूचना जारी की जाय ।
  2. पशुपालकों, किसानों व आमजन के पक्ष में निर्णय लेकर सरकार गोवंश की स्थितिनुसार (लैंडी, बाखड़ी, बैली गाय, बछिया-बछड़ा, बैल, सांड) सरकारी कीमत निर्धारित कर सरकारी खरीद की गारंटी करे या गोवंश संरक्षण कानून को रद्द करे ।
  3. गोवंश द्वारा किये गए हमलों या दुर्घटनाओं में घायलों को ₹10 लाख व मृतकों के परिजनों को कम से कम ₹50 लाख मुवावजा अति शीघ्र प्रदान करो ।
  4. आवारा गाय बैलों के कारण खेतों में खड़ी फसल नष्ट होने का किसानों को समुचित मुआवजा दो !
  5. तहसील लालकुआँ क्षेत्रान्तर्गत आवारा गोवंश के आतंक और लगातार हो रहे जानमाल के नुकसान से त्रस्त क्षेत्रीय जनता को राहत प्रदान करते हुए तहसील प्रशासन आवारा गोवंश की शीघ्रातिशीघ्र अन्यत्र व्यवस्था करे ।
  6. निजी गोशाला संचालकों की मनमानी पर रोक लगाई जाए, उनके द्वारा पशुपालकों से की जाने वाली वसूली बंद हो और इन गौशालाओं की अव्यवस्थाओं का प्रशासन संज्ञान ले।
  7. मजबूर होकर अपने पशुओं को छोड़ने वाले पशुपालकों पर की जाने वाली कानूनी कार्रवाई के लिए बने गैंगस्टर एक्ट को रद्द करो।
  8. सभी पशुपालकों को गौशालाओं की तर्ज पर प्रति गोवंश प्रति दिन मिलने वाली पालन – पोषण धनराशि और चारे में मिलने वाली सब्सिडी की धनराशि पशुपालन को बढावा देने के लिए पशुपालकों को देना सुनिश्चित किया जाय।
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प्रदर्शन के माध्यम से चेतावनी दी गई कि पशुपालक, किसान और क्षेत्रीय जनता विशाल प्रदर्शन के माध्यम से इन मांगों के त्वरित समाधान की मांग नहीं हुई तो किसान महासभा के नेतृत्व में सरकार के जनविरोधी रवैए के खिलाफ बिन्दुखत्तावासियों को मालिकाना हक के साथ बिन्दुखत्ता को राजस्व गाँव बनाने और आवारा गोवंश की समस्या के स्थाई समाधान गोवंश की सरकारी खरीद की गारंटी या गोवंश संरक्षण कानून को रद्द करने और तक अनिश्चितकालीन जनान्दोलन करने को बाध्य होंगें।

सभा की अध्यक्षता वरिष्ठ नेता बहादुर सिंह जंगी और संचालन विमला रौथाण ने की। प्रदर्शन में भाकपा माले राज्य सचिव इंद्रेश मैखुरी, किसान महासभा के प्रदेश अध्यक्ष आनन्द सिंह नेगी, किसान महासभा के जिला अध्यक्ष भुवन जोशी, जिला सचिव चन्दन राम, माले जिला सचिव डा कैलाश पाण्डेय, वरिष्ठ नेता आनन्द सिंह सिजवाली, बागजाला किसान महासभा के सचिव वेद प्रकाश, प्रचार सचिव पंकज चौहान, किशन बघरी, राजेन्द्र सिंह बोरा, पुष्कर दुबड़िया, गोविन्द जीना, बिंदुखत्ता व्यापार संघ के अध्यक्ष प्रभात पाल, ललित मटियाली, धीरज कुमार, दीवान राम, कमलापति जोशी, निर्मला शाही, सरिता जंगी, डी एस मेहरा, वीर भद्र भंडारी, अंबा दत्त, बिशन दत्त जोशी, ललित जोशी, मीना भट्ट, हरीश भंडारी, पूजा, अंगद, पनी राम, त्रिलोक राम, दीपा, नीमा बिष्ट, त्रिलोक सिंह दानू, पनुली देवी, किशन जग्गी,नीमा कोरंगा, अनीता भंडारी, चंद्रा, हरीश राम, आनंद सिंह दानू, अनीता देवी आदि सैकड़ों ग्रामीण शामिल रहे, समर्थन में पूर्व सैनिक संगठन के इंद्र सिंह पनेरी, कुन्दन सिंह मेहता भी शामिल हुए।

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