साहित्य

‘बखता त्यार बलाई ल्हयून’ सटीक बैठती है शेरदा ‘अनपढ़’ की ये रचनाएं

‘बखता त्यार बलाई ल्हयून’ सटीक बैठती है शेरदा ‘अनपढ़’ की ये रचनाएं

च्यल मारनो बाप कै लात, सास ज्वेड़ने ब्वारी हाथ, च्याल ब्वारियोक खिलखिलाट, ओ बाज्यू बुढ़

उत्तराखंड- बद्रीनाथ धाम में क्यों नही बजता “शंख” ? जानिये रहस्य

उत्तराखंड- बद्रीनाथ धाम में क्यों नही बजता “शंख” ? जानिये रहस्य

भगवान विष्णु को शंख ध्वनि सबसे अधिक प्रिय है।और भगवान विष्णु की प्रत्येक तस्वीरों में

उच्च शिक्षा पाने को देहाती लड़कों को कैसे- कैसे जतन करने पड़ते थे…(पढ़ें कहानी)

उच्च शिक्षा पाने को देहाती लड़कों को कैसे- कैसे जतन करने पड़ते थे…(पढ़ें कहानी)

हमारे एक सहपाठी थे। वे अभिभावकों को अपने परीक्षा-परिणाम का ठीक विपरीत फल बताते थे।